रायपुर। एड्स की वजह से पत्नी की मौत के बाद पति ने अपनी दो जुड़वा बेटियों को राजधानी के मातृछाया अनाथ आश्रम में छोड़ दिया। दोनों बच्चियां भी एचआईवी पॉजिटिव हैं। दो मासूम जिंदगियां अब वक्त के भरोसे जीवन के संघर्ष में आगे बढ़ रही थीं।

इन नन्ही परियों की जिंदगी ने अचानक करवट ली और फरिस्ते बनकर मां-बाप के रूप में उनकी जिंदगी में इलन और मेरीमा आए। यूएसए के न्यू जर्सी के रहने वाले इस नि:संतान दंपति ने गुरुवार को राजधानी के अनाथालय से इन दोनों बच्चियों को गोद लेने की कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके साथ ही 5 साल की इन मासूम जुड़वां बहनों को एक बार फिर मां-पिता का साथ मिल गया।

इस तरह बना रिश्ते का संयोग

न्यू जर्सी के रहने वाले इलन जॉर्ज और मेरीमा एरिस के बच्चे नहीं थे। यह कमी उनकी जिंदगी को अधूरा बना रही थी। इसी बीच उन्होंने भारत में किसी बच्ची को गोद लेने के बारे में विचार बनाया। इलन ने बताया कि इंटरनेट पर सर्च के दौरान उन्हें इन बच्चियों के बारे में पता चला।

इसके बाद उन्होंने दिल्ली स्थित सेंट्रल रिसर्च एडाबसन सेंटर से चर्चा की और बच्चियों को गोद लेने की इच्छा जताई। फिर वे मातृछाया आकर बच्चियों से मिले और उन्हें गोद लेने की औपचारिक कार्रवाई पूरी की।