रायपुर। छत्तीसगढ़ में असंगठित कर्मकारों को उनकी पुत्री के विवाह के लिए राज्य सरकार 15 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता देगी। यह योजना असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में पंजीकृत 53 प्रवर्ग की महिला कर्मकारों को स्वयं के विवाह लिए तो मिलेगी ही उनकी धर्मज या विधिमान्य गोद ली गई या सौतेली पुत्री की शादी के लिए भी सहायता दी जाएगी।

विवाह सहायता योजना के संबंध में श्रम विभाग द्वारा यहां मंत्रालय से गत 10 अप्रैल को अधिसूचना जारी की गई है। योजना के तहत पंजीकृत महिला कर्मकार को स्वयं के विवाह, एक बार पुनर्विवाह करने एवं पंजीकृत श्रमिक के प्रथम दो पुत्रियों की विवाह के लिए सहायता राशि दी जाएगी। पुत्रियों की विवाह के समय आयु 18 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए।

विवाह के बाद करना होगा आवेदन

योजना के तहत हितग्राहियों को शादी के बाद छह महीने के भीतर सहायता के लिए आवेदन देना होगा। आवेदन किसी भी च्वाइस सेंटर, कंप्यूटर सेंटर अथवा संबंधित जिले के सहायक श्रमायुक्त के कार्यालय में जाकर वेबसाइट में दिए निर्देशों के अनुरूप आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ विवाह प्रमाण पत्र और बैंक एकाउंट नंबर देना होगा। इस योजना में ठेका श्रमिक, घरेलू महिला कामगार, हमाल एवं सफाई कामगारों को शामिल नहीं किया गया है।

इनको मिलेगा इसका लाभ

53 वर्ग के लोगों को इसका फायदा मिलेगा। जिसमें धोबी, दर्जी,माली, मोची, नाई, बुनकर, रिक्शा चालक, हाथ ठेला चलाने वाले, फुटकर सब्जी फल-फूल विक्रेता, चाय, चाट ठेला लगाने वाले, फुटपाथ ब्यापारी, फेरी लगाने वाले, मुर्रा-चना फोड़ने वाले, ऑटो चालक, टेंट हाउस में काम करने वाले, मछुआरा, शिकारी, देवार, नट-नटनी, पशु पालक, मछली, मुर्गी, बतख पालन में लगे मजदूर, रसोइया, हड्डी बीनने वाले, समाचार-पत्र बांटने वाले हॉकर, सिनेमा घरों में कार्यरत, सोने-चांदी के दुकानों काम करने वाले कारीगर, नाव चलाने वाले, तांगा वाले, बैलगाड़ी चलाने वाले, वनोपज में लगे मजदूर इत्यादि शामिल हैं।