0 आरंग शूटआउट... सरपंच पति बबला को मारने के लिए 6 लाख की सुपारी लेने का खुलासा

0- पूर्व सरपंच और जनपद से हारे प्रत्याशी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार दिलाने वाला फरार

रायपुर।नईदुनिया प्रतिनिधि

आरंग के कुरूद गांव में 8 दिन पहले सरपंच पति गोवर्धन साहू उर्फ बबला गोलीकांड का खुलासा हो गया है। पुलिस पहले इस मामले को रेत खनन का विवाद मानकर जांच कर रही थी लेकिन अब जब मामला खुला तो रेत खनन का विवाद गायब हो गया। पंचायत व जनपद चुनाव में पराजय का सामना करने वाले पूर्व सरपंच ने चुनावी रंजिश का बदला लेने के लिए 6 लाख की सुपारी डोमन निषाद को देकर इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने दोनों शूटरों, सुपारी देने वाले पूर्व सरपंच तथा सुपारी लेने वाले को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पिस्टल कारतूस की व्यवस्था करने वाला भूपेंद्र ध्रुव उर्फ आर्य ठाकुर फरार है।

आईजी प्रदीप गुप्ता ने पुलिस कंट्रोल रूम में मंगलवार देर शाम आरंग हत्याकांड गोलीकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 4 सितम्बर की रात आरंग के कुरूद निवासी सरपंच पति गोवर्धन साहू उर्फ बबला पर उस वक्त बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने दो गोली दाग दी थी जब वह बस स्टैंड के पास टहल रहा था। बबला के सीने में गोली लगी थी। राजधानी के निजी अस्पताल में भर्ती बबला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है।

कॉल डिटेल ने खोला राज

पुलिस टीम ने घटनास्थल पर कैंप कर बबला से दुश्मनी रखने वालों की कॉल डिटेल खंगाली तो अहम सुराग हाथ लगे। फिर पूरा ध्यान न्यू राजेंद्रनगर बजाज कालोनी सेक्टर दो निवासी एक डॉक्टर का वाहन चलाने वाले डोमन निषाद(25) पर केंद्रित किया। पुख्ता सबूत मिलने पर टीम ने उसे हिरासत में लिया।

चुनाव में मदद और गिफ्ट में कार देने का लालच

डोमन निषाद ने पुलिस को बताया कि जनपद चुनाव में हार जाने से वह काफी व्यथित था। बबला ने उसके साथ वादा खिलाफी की थी,इसलिए वह रंजिश रखने लगा। कुरूद निवासी पूर्व सरपंच परस साहू(41) फरवरी 2014 में सरपंच चुनाव हार गया था। चुनावी रंजिश, व्यवसायिक प्रतिद्वंदिता के कारण परस ने बबला को रास्ते से हटाने का प्लान तैयार किया। उसने डोमन को यह कहा कि बबला को मारने के बाद उसे अगले चुनाव में मदद करेगा और गिफ्ट में स्विप्ट कार भी देगा। उसने छह लाख रूपए की सुपारी डोमन को दी थी और कुछ लड़कों की व्यवस्था को कहा।

90 हजार में खरीदे पिस्टल,कारतूस

फरवरी में परस ने तुमगांव, महासमुंद में डोमन को बुलाकर हथियारों की व्यवस्था करने 50 हजार रूपए दिए। डोमन मेडिसाइन अस्पताल के सुरक्षा गार्ड के माध्यम से 27 अगस्त को उप्र के गोपीगंज जिला भदोही से करही, तुमगांव निवासी अपने साथी कोहरी, तुमगांव के भूपेंद्र ध्रुव उर्फ आर्य ठाकुर(22) के साथ जाकर 90 हजार में एक पिस्टल व दो कारतूस खरीदकर लाया। 29 अगस्त को डोमन ने परस को हथियार दिखाया और जल्द शूटआउट को अंजाम देने प्लान बनाने की बात कही।

2 को बदलना पड़ा प्लान

1 सितम्बर को डोमन, आर्य ठाकुर और उसके एक अन्य साथी काशीरामनगर, तेलीबांधा के ललित बरवे उर्फ लियोन(18) के साथ करही गांव पहुंचे और वहां लियोन और आर्य को छोड़कर डोमन वापस रायपुर लौट आया। दो सितंबर की रात में दोनों ने कुरूद में बबला का घर से निकलने का इंतजार किया लेकिन उसके बाहर न आने से वापस लौट गए। 4 सितम्बर की शाम से ही दोनों फिर से कुरूद में सड़क पर बबला के आने का इंतजार करने लगे। रात में जैसे ही बबला टहलने के लिए बाहर निकला, वैसे ही उस पर गोली दागकर दोनों भाग निकले और डोमन को फोन पर काम हो जाने की जानकारी दी।

दूसरे दिन मिले सुपारी के 3 लाख

शूटआउट के बाद लियोन दूसरे दिन सुबह तुमगांव से बस में बैठकर रायपुर आकर डोमन से मिला। उसी दिन दोपहर में षड़यंत्र रचने वाले परस साहू ने अशोका मिलेनियम में डोमन से मिलकर सुपारी की रकम 3 लाख रूपए दिए और शेष 3 लाख 20 दिन में देने को कहा। 3 लाख रूपए में से डोमन ने 1 लाख दोनों शूटरों को दिया था।

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