रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

आयकर रिटर्न भरने के मामले में अभी तक चैन से बैठे हैं तो सावधान हो जाएं, क्योंकि आपकी लापरवाही आपको जेल की हवा खिला सकती है। कर विशेषज्ञों के अनुसार आयकर अधिनियम की धारा 276 सी के अनुसार अगर कोई व्यक्ति एचयुएफ, फर्म ट्रस्ट या कंपनी अपना आयकर रिटर्न जानबूझकर नहीं भरती तो उसे जेल की सजा हो सकती है। यह जानकारी आयकर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन तारवानी ने एक कार्यक्रम में दी। उन्होंने बताया कि यदि व्यक्ति एडवांस टैक्स व टीडीएस के बाद 3000 रुपये या उससे ज्यादा देय है और उसके बाद भी 31 मार्च तक आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करता है तो उसे कम से कम तीन माह व अधिकतम दो साल की जेल हो सकती है। इसके साथ ही फाइन भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि कर की राशि 25 लाख से अधिक है तो कम से कम छह माह व अधिकतम सात साल की सजा व फाइन हो सकती है। इसके साथ ही अगर कोई कंपनी द्वारा आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता,भले ही उसका टैक्स शुण्य हो। इस पर भी डायरेक्टर को जेल हो सकती है।इसलिए आपको पूरी तरह से सावधानी बरतनी होगी।

इतनी लगेगी पैनाल्टी

31 मार्च तक रिटर्न फाइल करने में 10000 लेट फीस लगेगा। लेकिन आय पांच लाख तक है तो लेट फीस 1000 लगेगा। यह पैनाल्टी नहीं फीस है,जो आयकर रिटर्न भरते समय देना ही होगा।

खाताबही का कराएं ऑडिट

सीए तारवानी ने बताया कि अगर अभी तक खाताबही का ऑडिट नहीं कराया है तो ऑडिट करा ले। ऑडिट की भी पैनाल्टी लग सकती है,जो टर्नओवर का आधा फीसद या 150000 लगता है।