रायपुर। मशहूर साहित्यकार तेजिंदर गगन का बुधवार की रात्रि हृदय गति रुक जाने से निधन हो गया। वे दोपहर को रायपुर के मौलश्री विहार स्थित एक विवाह समारोह में सम्मिलित हुए थे। उसके बाद वे घर आ गए। देर रात अटैक आने पर पड़ोस के एक चिकित्सक ने उनकी देख-रेख की लेकिन अंततः उनकी सांसें थम गई।

वह मेरा चेहरा, काला पादरी, सीढियों पर चीता, हेलो सुजित ( सभी उपन्यास) कहानी संग्रह घोड़ा बादल और काव्य संग्रह बच्चे अलाव ताप रहे हैं के लेखक तेजिंदर एक प्रतिबद्ध सृजनकर्मी थे। अपनी रचनाधर्मिता की वजह वे नई पीढ़ी के तमाम रचनाकारों के बीच भी खासे लोकप्रिय थे।

तेजिंदर गगन दूरदर्शन में बतौर निदेशक कार्यरत रहे और सेवानिवृत्त हुए। अपनी सेवानिवृत्ति के पश्चात भी कुछ समय तक वे एक अखबार के लिए लेखन करते रहे। 67 वर्षीय गगन अपने पीछे पत्नी दलजीत गगन पुत्री समीरा को छोड़ गए हैं। देश के अनेक साहित्यकारों ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति माना है। उनके पारिवारिक सदस्य समीर दीवान ने बताया कि श्री गगन का अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे मारवाड़ी श्मशानघाट में किया जाएगा।