बिलासपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) नेताओं की कांग्रेस में वापसी को लेकर कार्यकर्ता व पदाधिकारियों का गुस्सा फूटने लगा है। इससे जकांछ में तोड़फोड़ के जरिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को कमजोर करने की रणनीतिकारों की कोशिशों को धक्का लगने लगा है।

बसपा और जकांछ गठबंधन में दरार की खबर के बीच कांग्रेसी दिग्गजों ने जकांछ में तोड़फोड़ की योजना बनाई थी। इसी के तहत पूर्व विधायकों से लेकर विधानसभा चुनाव में रहे उम्मीदवारों की घर वापसी कराने की मुहिम भी चलाई। बड़ी संख्या में जकांछ के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और विधानसभा चुनाव उम्मीदवार रहे नेताओं की वापसी से कांग्रेस दिग्गजों की बांछे भी खिली ।

अब यही रणनीति कांग्रेस के लिए घातक साबित होती दिख रही है। लोकसभा चुनाव जब गंभीर दौर में पहुंचने लगा है ऐसे में कांग्रेस के जमीनी कार्यकर्ताओं से लेकर पदाधिकारियों व प्रमुख नेताओं ने जकांछ से कांग्रेस में आने वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं का विरोध करना शुरू कर दिया है। गुस्र्वार (चार अप्रैल) को जशपुर जिला कांग्रेस की बैठक में इसी बात को लेकर जमकर विवाद हुआ । रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी लालजीत राठिया जिला कांग्रेस की बैठक में पहुंचे थे।

इसी समय जकांछ के नेताओं व घर वापसी का मुद्दा उठा । बैठक में चेतावनी भी दी गई कि जकांछ के नेताओं व कार्यकर्ताओं को कांग्रेस में लाना है तो हम घर बैठ जाते हैं। कार्यकर्ताओं की नाराजगी से सकते में आए आला नेताओं ने दावा किया कि सोशल मीडिया में चल रही खबरें सही नहीं हैं। अब तक प्रदेश आलाकमान से जकांछ नेताओं को वापस लिए जाने की अधिकृत जानकारी नहीं मिली है।


बिलासपुर व मुंगेली जिले में मचा था बवाल

प्रदेश में जकांछ राजनीति रूप से अगर कहीं सबसे ज्यादा मजबूत है तो वह बिलासपुर व मुंगेली जिला है। जकांछ सुप्रीमो जोगी का गृह जिला भी है। विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद बिल्हा के पूर्व विधायक व जकांछ उम्मीदवार सियाराम कौशिक, बिलासपुर विधानसभा के प्रत्याशी बृजेश साहू, तखतपुर के प्रत्याशी संतोष कौशिक व मुंगेली के पूर्व विधायक व उम्मीदवार चंद्रभान बारमते के कांग्रेस में प्रवेश से पहले कांग्रेस के विधानसभा चुनाव हारे उम्मीदवारों व विधायकों ने जमकर विरोध किया था । इनकी नाराजगी को दरकिनार कर इन नेताओं की घर वापसी करा दी गई थी।


अब मुख्यमंत्री को करना पड़ रहा हस्तक्षेप

बिलासपुर लोकसभा के कांग्रेस प्रत्याशी अटल श्रीवास्तव के नामांकन रैली में शामिल होने चार अप्रैल को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बिलासपुर प्रवास पर आए थे। इस दौरान इनको बताया गया कि जकांछ से कांगे्रस में आने वाले पूर्व विधायकों, प्रत्याशी व पदाधिकारियों के बीच विधानसभा क्षेत्र के नेताओं का सामंजस्य नहीं बैठ रहा है। कांग्रेस के नेता व ब्लॉक के पदाधिकारी चुनावी कैंपेनिंग में इनको दूर ही रखे हैं।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवारों, ब्लॉक के पदाधिकारियों व जकांछ के नेताओं व पूर्व विधायकों को आपस में बैठाकर साथ-साथ काम करने की समझाइश दी थी। सीएम की समझाइश के बाद भी दूरी अब भी बनी हुई है।