रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा की तरह लोकसभा चुनाव में भी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जकांछ) के कुछ प्रत्याशी हाथी की सवारी कर सकते हैं। यानी प्रत्याशी जकांछ के होंगे, लेकिन चुनाव बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के चुनाव चिन्ह पर लड़ेंगे।

नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में जकांछ प्रमुख अजीत जोगी की बहू ऋचा समेत कुछ और बसपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि दोनों ही पार्टियों ने विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था और सात सीट हासिल की है।


बसपा मांग रही छह सीट

विधानसभा चुनाव के दौरान सीटों के बंटवारे में जकांछ को अधिक सीट मिली थी। लोकसभा चुनाव में बसपा 11 में से कम से कम छह सीटें मांग रही है। दोनों दलों के नेताओं का कहना है कि इसमें कोई दिक्कत नहीं होगी। जोगी और मायावती की शीघ्र ही बैठक होने वाली है। बैठक में सीटें फाइनल हो जाएंगी।


जीत से ज्यादा वोट शेयर से वास्ता

पार्टी सूत्रों के अनुसार बसपा के कोटे की सीटों पर जकांछ को अपना प्रत्याशी खड़ा करने की अनुमति मायावती दे सकती हैं। इसके पीछे की वजह यह बताई जा रही है कि बसपा को अपनी राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता बचाए रखने के लिए वोट शेयर की आवश्‍यकता है। वैसे भी बसपा में लोकसभा चुनाव लड़ने वालों की संख्या बेहद कम है, ऐसे में ज्यादा दिक्कत होने की संभावना नहीं है।


बिलासपुर संभाग में दोनों दलों का मजबूत है जनाधार

बसपा और जकांछ का जनाधार बिलासपुर संभाग में मजबूत माना जाता है। गठबंधन ने विधानसभा चुनाव में जो सात सीटें जीती हैं, उनमें से छह इसी संभाग की है। ऐसे में माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में यह गठबंधन कम से कम तीन सीटों पर प्रभावित असर ड़ाल सकता है।