रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित कथित भाजपा नेता से जुड़े अश्लील सीडी कांड में मुख्य शिकायतकर्ता प्रकाश बजाज को पुलिस ने रविवार को छेड़खानी के केस में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि प्रकाश बजाज ने एक महिला से 10 लाख रुपये मकान बेचने के नाम पर लिए थे। बाद में रकम नहीं लौटाई।

महिला के लगातार संपर्क करने पर उसे कार्यालय में बुलाकर अश्लील हरकत की। अप्रैल में घटित इस घटना में लिखित शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है प्रकाश का घर सिविल लाइन क्षेत्र में है। रुपयों के लेन-देन को लेकर पीड़िता अक्सर घर पहुंचती थी।

आरोपी ने इसी दौरान बदसलूकी करते हुए छेड़खानी की। साथ में ही देख लेने की धमकी तक दे डाली। प्रभारी सीएसपी अभिषेक माहेश्वरी ने बताया कि फिलहाल शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की है। धारा 354, 506 के तहत गिरफ्तारी कर आगे वैधानिक कार्रवाई चल रही है।

गौरतलब है कि प्रकाश बजाज को प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी सदस्य बताया गया है। प्रदेश के पूर्व भाजपा केबिनेट मंत्री राजेश मूणत की अश्लील सीडी बनाने के मामले में प्रकाश ने ही पंडरी थाने में कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया था।

मामले में बड़ी साजिश के तहत उगाही के लिए फोन आने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद रायपुर पुलिस ने दिल्ली से वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को हिरासत में लिया। विनोद वर्मा को बाद में कोर्ट से जमानत मिली। वर्तमान में पत्रकार वर्मा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार हैं।

मकान के लेन-देन में बढ़ा विवाद

अभी तक की जांच में पुलिस ने बताया है कि मकान खरीदी-बिक्री के लेन-देन के दौरान पीड़िता ने अपने साथ दुर्व्यवहार होने के आरोप लगाए हैं। एक मकान लेने के लिए पीड़िता ने 10 लाख रुपये प्रकाश बजाज को दिए थे। मकान के लिए लोन फाइनेंस नहीं होने पर पीड़िता ने दस लाख रुपये वापस मांगा कि प्रकाश बजाज ने उसके साथ बदसलूकी की। निवास और दूसरे जगहों में छेड़खानी करने अश्लील हरकत की।

बवाल मचने के बाद से बजाज गायब

अश्लील सीडी कांड में महीनों तक सियासी माहौल गरमाया रहा। इस दौरान प्रकाश बजाज के गायब हो जाने की खबरें मीडिया के लिए सुर्खियां बनी। मोवा थाना में आखिरी बार रिपोर्ट दर्ज होने तक बजाज की उपस्थिति रही। इसके बाद से प्रकाश बजाज के सामने नहीं आने पर मामले में राज गहराता गया। बताया गया था उनके बयानों में बड़ा विरोधाभास था, इसलिए पुलिस जांच भी प्रभावित हुई।