अनिल मिश्रा, रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर समेत ओड़िशा और आंध्रप्रदेश के अपने कोर एरिया में फोर्स के हाथों लगातार झटका खा रहे नक्सली अब देश के दूसरे इलाकों में विस्तार करने में लगे हैं। नईदुनिया ने पिछले साल ही यह खबर ब्रेक की थी कि नक्सली छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव, कवर्धा और मुंगेली जिलों के साथ ही महाराष्ट्र के गढ़चिरौली और मध्यप्रदेश के बालाघाट जिलों को मिलाकर नया जोन विकसित करने में जुटे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की हाल में जारी हुई रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में दो जगहों पर तीन राज्यों की सीमा पर नक्सली गतिविधियां बढ़ी हैं। छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के ट्राइ जंक्शन के साथ ही दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाड़ु और कर्नाटक राज्यों की सीमा पर नक्सवाद दस्तक दे रहा है।

केरल में वायनाड, मल्लपुरम और पलक्कड़ जिलों को नक्सलियों का नया ठिकाना माना जा रहा है। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की नक्सलियों की हर हरकत पर नजर है। छत्तीसगढ़ में नया जोन बनाने की सूचना पुलिस को पिछले साल एक मुठभेड़ से मिले दस्तावेजों से मिली थी। मार्च 2017 का लिखे गए 25 पेज के दस्तावेज से नक्सलियों के नए जोन (राज्य) के विस्तार की पूरी योजना का पर्दाफाश हुआ था।

इस दस्तावेज में इस नए आधार इलाके को महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ कॉन्फ्लुएंस (एमएमसी) जोन कहा गया है। इसमें यह भी बताया गया कि नवंबर 2015 में बस्तर के दरभा इलाके से डिवीजनल कमांडर सुरेंद्र को प्रमोट कर राजनांदगांव भेजा गया है। सुरेंद्र को एमएमसी जोन की कमान सौंपी गई है। 2006-07 ओड़िशा के बरगढ़ और बलांगीर जिलों के साथ छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले को मिलाकर बीबीएम डिवीजन गठित किया था।

गोंदिया, राजनांदगांव, बालाघाट का एक छोटा डिवीजन पहले से सक्रिय है। अब इन दोनों डिवीजनों के नक्सली भी नए एमएमसी जोन में शामिल हो गए हैं। इस जोन में नक्सलियों की कुल संख्या करीब 80 बताई जा रही है। नक्सलियों ने इस टुकड़ी का विस्तार प्लाटून नाम दिया है। इस इलाके में पिछले एक साल में एक दर्जन नक्सली घटनाएं दर्ज की गई हैं।

तीनों राज्यों की सीमा पर पुलिस कर रही गश्त

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में कान्हा नेशनल पार्क नक्सलियों का नया अड्डा बन गया है। पुलिस ने तीनों राज्यों के समन्वय से विशेष फोर्स गठित की है। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ की सीमा के आरपार बिना अनुमति के किसी भी राज्य की फोर्स गश्त कर सकती है। कान्हा से सटे छत्तीसगढ़ के भोरमदेव अभ्यारण्य के जंगलों में सीआरपीएफ की तैनाती की गई है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग के आइजी जीपी सिंह तीनों राज्यों की पुलिस से कोआर्डिनेट कर रहे हैं।

दोनों नए इलाकों में केंद्र की विशेष रणनीति

केरल और छत्तीसगढ़ में तीन राज्यों की सीमा पर नक्सली गतिविधि की रिपोर्ट सीधे गृह मंत्रालय को भेजी जा रही है। पुलिस अफसरों के मुताबिक मामला अंतरराज्यीय है इसलिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। केंद्र सरकार ने एलडब्ल्यूइ (लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म) इलाकों के सुरक्षा और विकास की योजना बनाई है। इन इलाकों में पुलिस को इसी रणनीति पर काम करने को कहा गया है।