रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

प्रदेश के सभी विकासखंडों में चल रहे अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अंग्रेजी की पढ़ाई के लिए अब तक शिक्षा विभाग की कोई पुख्ता योजना नहीं है। एक तरफ शिक्षा विभाग के अफसरों ने आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान (ईएलटीआइ) की ओर से हर साल शिक्षकों को कराई जा रही ट्रेनिंग रोक दी है और दूसरी तरफ अभी तक अंग्रेजी के शिक्षकों की भर्ती नहीं हो पाई। राज्य सरकार ने व्यापमं के माध्यम से अंग्रेजी माध्यम में पढ़े-लिखे 350 अभ्यर्थियों से शिक्षक के लिए आवेदन मंगा रखा है। पिछले साल आउटसोर्सिंग के जरिए राजधानी के 13 स्कूलों में अंग्रेजी की पढ़ाई करवाई गई थी, लेकिन अभी तक इस साल के लिए अंग्रेजी पढ़ाने को लेकर कोई योजना नहीं दिख रही है। समग्र शिक्षा अभियान के संचालक पी. दयानंद ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि आंग्ल भाषा शिक्षण संस्थान को बंद नहीं किया गया है। इसी के समान समग्र शिक्षा अभियान में अंग्रेजी शिक्षण के लिए प्रोजेक्ट चलाए जा रहे हैं, अब वे प्रोजेक्ट कौन हैं, इसका अता-पता नहीं है, जबकि 24 जून से एक बार फिर नया शिक्षण सत्र शुरू होने जा रहा है।

फिर आउटसोर्सिंग की तो तैयार नहीं

पिछले साल समग्र शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी के शिक्षक नहीं होने का हवाला देकर एक गैर सरकारी संगठन के हवाले अंग्रेजी माध्यम के सरकारी स्कूलों को जिम्मा दे दिया था। रायपुर के 13 सरकारी अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में निजी इंस्टिट्यूट के शिक्षक रायपुर के स्कूलों में जाकर बच्चों को अंग्रेजी पढ़ा रहे थे। इस साल जिस तरह से अधिकारी अंग्रेजी शिक्षण को लेकर सुस्त नजर आ रहे हैं, उससे कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं फिर पिछले सात की तरह ही अंग्रेजी पढ़ाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग निजी हाथों में तो नहीं देने की सोच रहा है। बहरहाल प्रदेश के 292 स्कूलों में इस साल कक्षा एक और दो एवं कक्षा छठवीं और सातवीं में अंग्रेजी माध्यम के लिए बिना प्रशिक्षण के शिक्षण कैसे होगा? इसे लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।