रायपुर। नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड छत्तीसगढ़ की सभी 90 विधानसभा सीटों पर ताल ठोंकने की तैयारी कर रही है। कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए नीतीश कुमार 30 सितंबर को राजधानी रायपुर आ रहे हैं। नीतीश के आगमन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। जदयू के राष्ट्रीय सचिव और छत्तीसगढ़ प्रभारी रविंद्र कुमा सिंह ने छत्तीसगढ़ में डेरा डाल दिया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में जदयू बिहार की तर्ज पर पूर्ण शराबबंदी का मुद्दा उठाने जा रही है।

जदयू के राष्ट्रीय सचिव रविंद्र कुमार सिंह ने नईदुनिया से खास बातचीत में पार्टी की चुनावी रणनीति पर लंबी चर्चा की। उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय संयोजक नीतीश कुमार रायपुर के गांधी मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित करने आ रहे हैं।

जदयू कार्यकर्ताओं का संकल्प सम्मेलन करके उसी दिन छत्तीसगढ़ में चुनावी शंखनाद करेगी। संकल्प सम्मेलन को सफल बनाने के लिए प्रचार रथ निकाला जाएगा जो पूरे प्रदेश का भ्रमण करेगा।

उन्होंने कहा जदयू लगातार शराबबंदी की मांग उठाती रही है, 31 मार्च को इस संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा गया लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। छत्तीसगढ़ में ग्रामीण जनता का दोहन और शोषण दोनों बदस्तूर जारी है। पहले जब छत्तीसगढ़ नहीं बना था तो मध्यप्रदेश शोषण करता था, अब छत्तीसगढ़ में भी वही हो रहा है।

छत्तीसगढ़ खनिजों के मामले में समृद्ध है लेकिन आम लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार फैक्ट्रियां लगा रही है, उद्योगपतियों को मुनाफा दिला रही है। यहां युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। आउट सोर्सिंग से नौकरियां बांटी जा रही हैं। धान के इस कटोरे में किसान प्रकृति पर निर्भर हैं।

बढ़ा है जदयू का जनाधार

रविंद्र सिंह ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी तीन सीटों पर मैदान में उतरी थी। उस समय हमारा जनाधार नहीं था, लेकिन पिछले पांच साल से पार्टी समाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागरण कर रही है और जनता के सुख-दुख में शामिल है। अब प्रदेश में पार्टी का जनाधार बढ़ा है।

जल जंगल जमीन पर फोकस

विधानसभा चुनाव में जदयू जल जंगल जमीन पर फोकस करेगी। शराबबंदी के मुद्दे को महिलाओं ने हाथोहाथ लिया है। 30 सितंबर के बाद निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर प्रदेश में पूर्ण शराब बंदी, तथा शराब ट्रांसपोर्ट पर भी रोक लगाने की मांग की जाएगी। शराब बिकती रही तो लोकतंत्र ध्वस्त हो जाएगा।