रायपुर। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने दावा किया है की इस दफा दीवाली पर बेहद कम प्रदूषण हुआ है। तर्क देते हुए पर्यावरण मंडल का कहना है आंकड़े बताते हैं कि पिछले साल की तुलना में इस बार रायपुर में 10.2 प्रतिशत एवं बिलासपुर में 22.3 प्रतिशत कम प्रदूषण हुआ है। पर्यावरण संरक्षण मंडल की रिपोर्ट में बताया गया है कि पटाखों पर जिला प्रशासन के साथ सभी निर्देशों का पालन तो कराया ही गया। साथ ही पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा चलाये गये जन-जागरूकता अभियान एवं जिला प्रशासन व पुलिस विभाग की कोशिशों की वजह से ये बड़ा असर देखने को मिला।

बिलासपुर में यह रही स्थिति

बिलासपुर में पिछली दीपावली के मुकाबले इस बार वायु प्रदूषण के स्तर में करीब 22.3 प्रतिशत की कमी दर्ज की गयी।

रायपुर में यह रही ही स्थिति

रायपुर शहर में औसत परिवेशीय वायु गुणवत्ता (पीएम-10) अर्थात हवा में धूल के कणों की संख्या इस वर्ष 73.66 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर रही, जो वर्ष 2017 में 82.04 माइक्रोग्राम दर्ज की गई थी। इसी तरह सल्फरडाई आक्साइड गैस का स्तर भी 8.14 प्रतिशत कम होकर 19.68 और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर लगभग 4.43 प्रतिशत कम होकर 29.54 पाया गया, जबकि वर्ष 2017 में सल्फरडाई आक्साइड का स्तर 21.38 और नाइट्रोजन आक्साइड गैस का स्तर 30.91 पाया गया था।

बिलासपुर शहर में पर्यावरण संरक्षण मंडल के विशेषज्ञों द्वारा दीपावली में की गयी माॅनिटरिंग के अनुसार उस दिन वहां औसत परिवेशीय वायु में धूल कणों की संख्या 22.3 प्रतिशत कम होकर 71.7 माइक्रोग्राम प्रतिघनमीटर पायी गयी, जो वर्ष 2017 में 92.3 प्रतिघनमीटर थी। रायपुर शहर में दीपावली के दिन ध्वनि प्रदूषण में भी लगभग 6 प्रतिशत कमी पायी गयी। इस बार रायपुर में ध्वनि की तीव्रता 86.0 डेसीबल रही, जो वर्ष 2017 में 91.33 डेसीबल थी। न्यायधानी बिलासपुर में इस बार दिवाली में ध्वनि की औसत तीव्रता पिछले साल की तुलना में 8.86 प्रतिशत कम होकर 75.0 डेसीबल दर्ज की गयी।

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारियों द्वारा आज यहां जारी रिपोर्ट के अनुसार वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण कम होने के कारण रायपुर और बिलासपुर शहर के निवासियों को इस बार दीपावली की रात काफी सुकून मिला। मंडल के अधिकारियों ने बताया कि मण्डल छत्तीसगढ़ शासन एवं पर्यावरण मण्डल की इस अपील का काफी सकारात्मक असर देखा गया। पर्यावरण संरक्षण नियमों की जानकारी दी गई। इस अभियान में जिला प्रशासन व पुलिस विभाग का भी सहयोग मिला। इन सब प्रयासों के फलस्वरूप दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर में काफी गिरावट दर्ज की गई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के विशेषज्ञों द्वारा दीपावली के 7 दिन पूर्व से 7 दिन बाद तक वायु प्रदूषण का मापन किया जा रहा है।