रायपुर(ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में भ्रष्ट अफसर-कर्मियों की संपत्ति कुर्क होगी। राज्य सरकार लोक सेवकों की अनुपातहीन संपत्ति की सार्वजनिक घोषणा भी कर सकेगी। इससे संबंधित छत्तीसगढ़ विशेष न्यायालय अधिनियम, 2015 को राज्यपाल के बाद अब राष्ट्रपति की भी मंजूरी मिल गई है। इस अधिनियम को राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेज दिया गया है। राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से यह कानून प्रदेश में लागू माना जाएगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में पिछले बजट सत्र के दौरान छत्तीसगढ़ विशेष न्यायालय विधेयक, 2015 को पारित किया गया था। इस विधेयक को राज्यपाल की अनुमति के बाद राष्ट्रपति को स्वीकृति के लिए भेजा गया था। इस अधिनियम में लोक सेवकों द्वारा भ्रष्ट तरीके से अर्जित चल-अचल अनुपातहीन संपत्ति को जब्त या राजसात करने का प्रावधान किया गया है। अधिनियम में कुल 28 धाराएं शामिल की गई हैं। अधिनियम में ऐसे मामलों के लिए विशेष न्यायालय के गठन का प्रावधान किया गया है, जो इस प्रकार के मामलों की सुनवाई करेगा।

इन मामलों का निराकरण एक वर्ष के भीतर किया जाएगा। संपत्ति कुर्क करने की पुष्टि एक माह के भीतर विशेष न्यायालय द्वारा की जाएगी। इसके साथ ही विशेष न्यायालय ऐसी कुर्क संपत्ति को प्रबंधन के लिए जिला मजिस्ट्रेट या उसके द्वारा अधिकृत व्यक्ति को सौंपेगा। संबंधित अफसर-कर्मचारी को विशेष न्यायालय में सुनवाई का समुचित अवसर दिया जाएगा। वह विशेष न्यायालय के आदेश के खिलाफ एक माह के भीतर उच्च न्यायालय में अपील कर सकेगा।

राज्य सरकार द्वारा ऐसे लोक सेवकों की अनुपातहीन संपत्ति के मामलों की घोषणाओं को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकेगी। विधेयक में ऐसे मामलों की सुनवाई विशेष न्यायालय करेगा, ताकि मामले की जांच के दौरान संबधित लोक सेवक द्वारा अनुपातहीन संपत्ति को अन्य तरीकों से निराकरण करने की आशंका न रहे।

मध्यप्रदेश में पहले से ही इस तरह का कानून

मध्यप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र में पहले ही इस तरह का कानून बनाया जा चुका है। उसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी कानून बनाने का निर्णय लिया गया है, ताकि भ्रष्ट अफसरों पर नकेल कसी जा सके। वर्तमान में भ्रष्टाचार के मामले में छापामार कार्रवाई के दौरान किसी सरकारी अधिकारी से जब्त की गई अनुपातहीन संपत्ति को तकनीकी खामियों चलते कई बार वापस लौटना पड़ता है, लेकिन नए कानून के बन जाने के बाद भ्रष्ट अधिकारियों की अनुपातहीन संपत्ति को राज्य सरकार राजसात की जा सकेगी।

कई अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज

छत्तीसगढ़ कॉडर के आधा दर्जन से अधिक आईएएस व आईएफएस अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की है। इसके अलावा विभिन्न् विभागों में निचले स्तर के अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ भी एसीबी में भ्रष्टाचार के मामले दर्ज हैं। नए कानून के लागू होने से इन अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा भ्रष्ट तरीके से अर्जित संपत्ति की राजसात होगी।

'छत्तीसगढ़ विशेष न्यायालय अधिनियम, 2015 को राष्ट्रपति की अनुमति मिल गई है। इसे राजपत्र में प्रकाशन के लिए भेजा जा चुका है। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह नया कानून लागू हो गया है। अब हाईकोर्ट की सहमति से विशेष न्यायालयों का गठन किया जाएगा।' - एके सामंतरे, प्रमुख सचिव, विधि एवं विधायी कार्य