श्रीशंकर शुक्ला, रायपुर। चुनाव आयोग आचार संहिता के दौरान सोशल मीडिया पर लगाम कसने की तैयारी में है। इसकी शुरूआत छत्तीसगढ़ समेत चार राज्यों के चुनाव से की जानी है। चुनाव आचार संहिता लगते ही ट्वीटर, फेसबुक, व्‍हाट्सएप ग्रुपों पर आयोग की एक टीम नजर रखेगी।

बल्क मैसेज पार्टी का प्रचार-प्रसार या किसी की छवि धूमिल करने के प्रयास पर न केवल कोलाहल अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होगा बल्कि सुबह छह बजे से रात दस बजे तक प्रचार सामग्री पोस्ट करने पर संबंधित प्रत्याशी या पार्टी के खाते में इसे चुनावी खर्च के रूप में शामिल कर लिया जाएगा।

प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा, कांग्रेस, जकांछ, आम आदमी पार्टी व बसपा ने सोशल मीडिया का वार रूम तैयार किया है। सभी पार्टियों ने प्रदेश में करीब तीन दर्जन से ज्यादा टीम बनाई है जो सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालेगी वहीं पार्टी के संगठनात्मक दृष्टि से 27 जिलों में आधा दर्जन युवाओं की टीम बनाई है। टीम सोशल मीडिया में जिले व प्रदेश से आई सामग्री, वीडियो, ऑडियो वायरल करेंगे। दलों की इस रणनीति पर अब आयोग की निगाह रहेगी।

इनका कहना है

राज्य निर्वाचन आयोग सोशल मीडिया पर निगरानी की तैयारी कर रहा है। अंतिम निर्देश मुख्य निर्वाचन आयोग से आते ही इसे प्रभावी कर दिया जाएगा। पहली बार होगा जब सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर चुनावी कैंपेन को पार्टी या प्रत्याशी के चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।

- सुब्रत साहू मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़