रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

उत्कृष्ट योजना के तहत सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर, सजधज कर पहली बार पुरी-दुर्ग एक्सप्रेस रायपुर पहुंची। ट्रेन को पूरी तरह से रंगरोगन किया गया है। इसके कोच में यात्रियों को एलएचबी कोच से भी बेहतर सुविधा दी गई है। ट्रेन में सवार यात्रियों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला। यात्रियों ने बताया कि उन्हें पहली बार यात्रा में कोई दिक्कत महसूस नहीं हुई। ट्रेन की सफाई और रंग बिरंगी आकृतियां यात्रियों को आकर्षित कर रही हैं। रेलवे के अधिकारी ने बताया कि उत्कृष्ट योजना के तहत देश भर में करीब 140 रैक को बदला जा रहा है। इसी योजना के तहत पुरी-दुर्ग एक्सप्रेस को संवारा गया है।

अब तक यह ट्रेन पुराने कोच के साथ चल रही थी। इस ट्रेन में कुल 18 कोच हैं। कोच को इस तरह से संवारा गया है कि वह यात्रियों को रेलवे का इतिहास बता रहे हैं। कोच में पेंटिंग के माध्यम से सफाई का संदेश भी दिया जा रहा है। स्वच्छ भारत का नक्शा बनाया गया है। नक्शे के पीछे जंगल की आकृति उकेरी गई है, जो यात्रियों की आंखों को सुकून दे रही है।

यात्रियों को यह मिल रही सुविधा

कोचों को अंदर-बाहर से कलरफुल किया गया है। हर डिब्बे में एलईडी लाइट लगाई गई हैं। स्टेनलेस स्टील पैनलिंग, एंटी स्किड फ्लोरिंग के साथ स्टेनलेस स्टील की डस्टबिन रखी गई है। बाथरूम में बड़े-बड़े शीशे लगाए जा रहे हैं। थर्ड एसी, सेकंड एसी, प्रथम श्रेणी एसी में अलग-अलग तरीके की सुविधाएं दी गई हैं। दृष्टि बाधितों की सहायता के लिए ट्रेन के हर कोच में ब्रेल लिपि के बोर्ड लगाए गए हैं। मोबाइल चार्जिंग के लिए दोनों तरह के स्विच लगाए गए हैं, जिससे लोगों को सुविधा हो रही है।

केस 1

कोच क्रमांक एस 5 के बर्थ क्रमांक 61 में सवार होकर कटक से भिलाई पावर हाउस जा रही नियति पाण्डेय ने बताया कि इस ट्रेन में सुविधाएं बहुत अच्छी हैं। विशेष रूप से शौचालय साफ और स्वच्छ है। पहली बार ट्रेन में गंदगी देखने को नहीं मिली। केन्द्र सरकार ने वास्तव में यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर काम किया है।

केस 2

कोच क्रमांक एस 6 के बर्थ क्रमांक 20 में भुनेश्वर से सवार होकर भिलाई जा रही नताशा बघेल ने बताया कि ट्रेन में पहली बार इस तरह की व्यवस्था देखकर बहुत अच्छा लगा। ट्रेन की सफाई काबिले तारीफ है। यात्रियों को जिस तरह की ट्रेन चाहिए, वैसी सुविधा दी गई है। रात में लाइट को लेकर थोड़ी दिक्कत हो गई थी, शिकायत करने के बाद कर्मचारियों ने दुरुस्त कर दिया।

केस 3

कोच क्रमांक एस थ्री के बर्थ क्रमांक 22 में सवार भारती राव पुरी से दुर्ग जा रही थी। भारती दुर्ग में बुटिक का कारोबार करती हैं। उन्होंने बताया कि कोच की प्रत्येक सीट में सफाई का संदेश है तथा रेलवे की पुरानी चीजों की फोटो लगाई गई है। इससे यात्री बोर नहीं हो रहे हैं। इसे देखकर आंखों को सुकून मिल रहा है।

केस 4

कोच क्रमांक एस 5 के बर्थ क्रमांक 53 में सवार नवाजिस अंसारी भुनेश्वर से दुर्ग जा रहे थे। उन्होंने बताया कि ट्रेन में साफ-सफाई बेहतरीन है। कर्मचारी समय-समय पर आकर सफाई कर रहे हैं। रायपुर आते-आते ट्रेन पूरी तरह से गंदी हो जाया करती थी, लेकिन आज रायपुर तक पूरी तरह से क्लीन है। इस ट्रेन का सबसे बेहतर बाथरूम है, जो पूरी तरह से क्लीन है।

वर्जन

उत्कृष्ट योजना के तहत इस रैक को तैयार किया गया है। पुरी से पहला रैक बनकर आया है। दुर्ग से भी जल्द अमरकंटक एक्सप्रेस को ठीक इसी तरह तैयार किया जा रहा है। दस दिन के भीतर अमरकंटक एक्सप्रेस भी आधुनिक रैक के साथ चलने लगेगी।

तन्मय मुखोपाध्याय, सीनियर डीसीएम रायपुर रेलवे मंडल