रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मॉडल रेलवे स्टेशन रायपुर में यात्रियों को अब एयरपोर्ट की तर्ज पर 20 मिनट पहले पहुंचना पड़ेगा। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रेलवे सख्त हो गया है। स्टेशन के अंदर आने और जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति की चेकिंग होगी। यात्रियों के बेरोकटोक स्टेशन आने पर रोक लगेगी। मुख्य प्रवेश द्वार पर यात्रियों के प्रवेश और निकासी के लिए दो गेट तथा गुढ़ियारी की तरफ एक गेट बनाया जाएगा। स्टेशन के अंदर प्रवेश करने वाले यात्रियों के सामान को एयरपोर्ट की तर्ज पर अनिवार्य रूप से स्कैन किया जाएगा उसके बाद ही यात्री स्टेशन के अंदर प्रवेश कर सकेंगे। इस प्रक्रिया से गुजरने के लिए यात्रियों को जल्दी आना पड़ेगा। स्टेशन की सुरक्षा को लेकर बुधवार को डीआरएम, जीआरपी एसआरपी, आरपीएफ कमांडेंट आदि ने जायजा लिया कि किस तरह से इंतजाम किए जाएं कि स्टेशन में प्रवेश करने वालों की प्रॉपर चेकिंग और मॉनिटरिंग हो सके। सुरक्षा की दृष्टि से आरपीएफ ने स्टेशन के लिए कई बिंदुओं का प्लान रेलवे को भेजा है। स्वीकृति मिलने पर इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।

ज्ञात हो कि मुंबई-हावड़ा मार्ग पर स्थित रायपुर रेलवे स्टेशन से एक दिन में करीब 120 गाड़ियां गुजरती हैं तथा रोज 70 हजार यात्री सफर करते हैं। मॉडल रेलवे स्टेशन में यात्रियों के प्रवेश के लिए मुख्य गेट और वीआइपी गेट बनाए गए हैं, लेकिन कई ऐसे लो पूल हैं जहां से लोग आसानी से स्टेशन के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। एक्सीलरेटर से सीधे स्टेशन के अंदर तथा पार्सल कार्यालय के सामने से सीधे प्लेटफार्म एक में प्रवेश कर सकते हैं। ठीक इसी तरह गुढ़ियारी की तरफ बनाए गए एक्सीलरेटर और गुढ़ियारी की तरफ दुर्ग छोर पर बनाए गए ओवर ब्रिज से सीधे स्टेशन के अंदर प्रवेश कर सकते हैं। स्टेशन के ये ऐसे लो पोल हैं जहां पर एक भी जवान तैनात नहीं रहता। अब इस पर रेलवे ने कवायद शुरू कर दी है। स्टेशन में आने-जाने वाले प्रत्येक यात्री के बैग की जांच स्कैनर मशीन से अनिवार्य रूप से की जाएगी।

आरपीएफ के सुरक्षा घेरा के आठ बिंदु

- दुर्ग छोर पर राजपूताना होटल से होकर प्लेटफार्म नंबर एक ए पर आने वाले रास्ते पर बैरिकेड लगाकर स्थाई तौर पर बंद करने की आवश्यकता है।

- पार्सल आफिस के पास अस्थाई मार्ग को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए।

- मल्टी फंक्शन कॉम्पलेक्स में संचालित सभी दुकानों के गेट अंदर प्लेटफार्म की तरफ तथा बाहर शहर की तरफ खोला गया है, जो रायपुर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा की दृष्टि से असुरक्षित है। क्योंकि सभी दुकानें देर रात तक खुली होने के कारण असामाजिक तत्व मेन गेट से न घुसकर दुकानों के बाहरी गेट से प्रवेश कर सीधे प्लेटफार्म के अंदर प्रवेश कर जाते हैं। इन्हें तत्काल बंद कर सिर्फ प्लेटफार्म की तरफ ही गेट खोला जाए।

- वीआइपी गेट के माध्यम से प्रशासनिक अधिकारी, मंत्री, न्यायाधीश एवं अन्य विशिष्ट लोगों से आवा-जाही होती रहती है। इसे बंद नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि विशेष परिस्थितियों के अलावा सभी यात्री केवल गेट नंबर 2 का उपयोग करें।

- मंडल रेल प्रबंधक एवं महाप्रबंधक के लिए बने सेलून साइडिंग के बगल में रेल डाक सेवा विभाग के लिए बने गेट का उपयोग केवल सरकारी काम के लिए ही हो। इसे रेल डाक सेवा विभाग द्वारा सुनिश्चित कराया जाए।

- गेट क्रमांक दो का उपयोग यात्रियों के आने-जाने के लिए किया जाना चाहिए। सुरक्षा जांच को पुख्ता करने के बाद ही यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश कराया जाए।

- मंडल रेल प्रबंधक सेलून लाइडिंग एवं रेलवे कर्मचारियों के साइकिल स्टैंड के बीच से नवनिर्मित फ्लाईओवर जो वर्तमान में निर्माणाधीन है, वहां आवश्यक सुरक्षा के इंतजाम निकट भविष्य में आवश्यक है।

- स्वचालित सीढ़ी से लेकर एटीएम तक अस्थाई रुप से बाउंड्रीवॉल, बैरिकेड तैयार किया जाए, ताकि वहीं पर एक मुख्य द्वार बनाकर बैगेज स्कैनर मशीन को स्थापित किया जा सके।

वर्जन

स्टेशन में सिर्फ तीन प्रमुख गेट यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। स्टेशन के अंदर प्रवेश करने से पहले यात्रियों की पुख्ता जांच होगी। उसके बाद ही यात्री स्टेशन के अंदर प्रवेश कर सकेंगे।

तन्मय मुखोपाध्याय, सीनियर डीसीएम रायपुर रेलवे मंडल