रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। बढ़ती महंगाई के चलते होटलों में ठहरना, खाने को फिजूलखर्च मानने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिलने वाली है। बीते एक साल में राजधानी के सभी होटलों में 400 नए कमरे बन चुके हैं तथा इस साल आने वाले छह महीनों के भीतर ही सभी छोटे-बड़े होटलों में 600 नए कमरे बनाए जा रहे हैं। होटल कारोबारियों का कहना है कि बनाए जाने वाले ये कमरे ग्राहकों की मांग व उनके बजट के अनुसार रहेंगे, सस्ते पड़ेंगे। कारोबारी सूत्रों का कहना है कि इस तरह होटलों की संख्या तथा कमरे बढ़ने से कीमतों में निश्चित रूप से 10 फीसद तक की गिरावट आ जाएगी और पूरा फायदा उपभोक्ता को ही मिलेगा। राजधानी में इन दिनों बड़े व छोटे होटल मिलाकर करीब 225 हैं।

कारोबारियों का कहना है कि कमरे बढ़ाने के पीछे एक बड़ा कारण तो यह है कि ग्राहक को उसकी मांग के अनुसार बजट वाले कमरे उपलब्ध कराना। इसके साथ ही कुछ विशेष अवसरों पर जैसे पार्टियों आदि पर उपभोक्ता को ऐसे कमरे फ्री भी उपलब्ध करा दिया जाता है। इससे कारोबार में और बढ़ोतरी भी होती है। होटल सेलिब्रेशन के संचालक कमलजीत सिंह होरा ने बताया कि उपभोक्ताओं की मांग को देखते हुए ही होटलों द्वारा कमरे बढ़ाए जा रहे हैं। साथ ही सर्विस में और बढ़ोतरी की जा रही है।

होटलों के कदम से ऑनलाइन कंपनियां भी सकते में, ये भी ला रहीं 1000 नए कमरे

होटल कारोबारियों के अनुसार इन दिनों होटल कारोबार से जुड़ी ऑनलाइन कंपनियां भी सक्रिय हो गई हैं तथा अपने बिजनेस प्लान में थोड़ा बदलाव करते हुए ये कंपनियां होटलों को छोड़कर बाहरी क्षेत्रों में यानी शहर के अंदर रहवासी क्षेत्रों में अपने 1000 कमरे लाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि ये कमरे ग्राहकों को और सस्ते में मिलेंगे तथा ग्राहक की मांग के अनुसार उसके खाने-पीने का इंतजाम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बनाए जा इन कमरों की ग्राहकों की मांग व बजट का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

साल भर में 20 फीसद घटा कारोबार

पिछले साल मई की अपेक्षा इस साल मई में राजधानी में होटलों के कारोबार में 20 फीसद तक की गिरावट आई है। गिरावट के साथ ही पिछले तीन सालों में राजधानी में तीन बड़े होटल्स ग्रुपों में बिक भी चुके हैं और कई ग्रुप बिकने की भी तैयारी में हैं। इसके बावजूद होटलों में कमरे बढ़ाए गए हैं तथा आने वाले छह महीनों में ही और भी बढ़ाए जाने वाले है।

कारोबार का बदला स्वरूप

होटल कारोबार में भी इन दिनों स्वरूप ऐसा बदलता जा रहा है कि लोगों के पास अगर खाली जमीन है तो वह उसका उपयोग होटल के साथ ही कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के रूप में कर रहा है, ताकि उसकी दोनों ओर से आमदनी होती रहे तथा बिजनेस को भी नई ऊचाइयां मिलें।