मनोज गुप्ता, अंबिकापुर। सामरी विधायसभा क्षेत्र के आधा दर्जन पंचायतों के लोग अब जाकर सीधे जिला मुख्यालय से जुड़ पाएंगे, क्योंकि सबाग से चुनचुना और पुंदाग तक रोड बन रही है। इसका कारण नक्सलवाद है। नक्सवाद ने विकास को इस क्षेत्र से दूर रखा। यहां बुनियादी सुविधाएं तक विकसित नहीं की जा सकी हैं।चिकित्सा और शिक्षा में भी यह क्षेत्र पिछड़ा हुआ है। इस विधानसभा क्षेत्र की अधिकांश आबादी गन्ना, आलू, टाउ की खेती करती है, लेकिन किसानों के लिए बड़ी परेशानी यह है कि अब तक सिंचाई की सुविधा विकसित

नहीं की जा सकी है। सिंचाई की बड़ी परियोजना खुटपाली का काम शुरू तो हुआ, लेकिन इसे पूरा नहीं किया जा सका है। कई एनिकट भी बनाए, जो फेल हो गए। ऐसे में वनोपज पर निर्भरता बढ़ गई है।

भूगोल- इसकी सरहदें झारखंड से लगी हैं। प्रतापपुर, लुंड्रा व रामानुजगंज विधानसभाओं को छूती हैं। कुसमी व शंकरगढ़ दोनों ब्लाकों के बड़े इलाके वनांचल हैं।

प्रशासन- विधानसभा क्षेत्र में राजपुर व कुसमी नगर पंचायत हैं। शंकरग, सामरी व चांदो अर्धशहरी पंचायतें हैं और शेष ग्रामीण पंचायतें हैं।

आर्थिक- सामरी में बाक्साइट की खदानें हैं। कोयले के भंडार का सर्वे चल रहा है। टाउ एवं आलू का उत्पादन होता है। अधिकांश आबादी कृषि, मजदूरी और वनोपज पर निर्भर है।

शिक्षा- कुसमी, राजपुर, शंकरगढ़ में कॉलेज हैं, लेकिन प्रोफेसरों की कमी है। ऐसे ही सरकार स्कूलों में भी शिक्षक कम हैं।

स्वास्थ्य- राजपुर, कुसमी, शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी है। बलरामपुर जिला चिकित्साल में विशेषज्ञ चिकित्सकों के 61 में 60 और एमबीबीएस के 84 में 24 पर खाली हैं।

सड़कें- प्रमुख सड़कें काफी हद तक ठीक हैं, लेकिन अंदरूनी इलाकों में पहले बनीं पीएमजीएसवाई व एमएमजीएसवाई की सड़कें खस्ताहाल हो रही हैं। नई सड़कों को

स्वीकृति नहीं मिली।

2018 में बनेंगे चुनावी मुद्दे

स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी

सिंचाई सुविधाओं का अभाव

रोजगार के नए साधनों का उपलब्ध न होना

सड़कें खस्ताहाल

मनरेगा व अन्य योजनाओं के मजदूरों को भुगतान नहीं

बिजली की समस्या

कृषि बीमा का लाभ नहीं मिलना

पांच वर्ष में हुए बड़े कार्य

शंकरगढ़ में नए कॉलेज की स्थापना, कुसमी में आईटीआई खुला

चुनचुना-पुंदाग तक पीएमजीएसवाई की सड़क का निर्माण चल रहा

जोकापाट में नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सबाग को अस्पताल भवन मिला

विद्युत सुविधा का विस्तार, आधा दर्जन से अधिक सब स्टेशनों को स्वीकृति

पुल, पुलिया का काम, रीगड व कन्हर में नए पुल बने

महान में दो पुल का कार्य प्रारंभ, सासू नदी में पुल

सीएम की घोषणा के बाद भी ये बड़े काम अधूरे

1. चांदो को ब्लॉक बनाने की घोषणा

कारण-ब्लॉक बनाने की केवल अधिसूचना तो जारी, बाकी प्रक्रिया लंबित

2. सामरी-चांदो मार्ग का पुनर्निर्माण

कारण- टेंडर के बाद ठेकेदार की लापरवाही से काम लटका

3. कुसमी में डीएवी विद्यालय नहीं खुला

0 कारण- डीएवी प्रबंधन ने किया इंकार

4. नरसिंहपुर-मरकाडांड के बीच महान में पुल निर्माण

0 कारण-फाइलों में गुम हो गई घोषणा

सामरी का क्षेत्र भाजपा का गढ़ रहा है। यहां 1993 से 2008 तक चार विधानसभा चुनावों में भाजपा ही जीतती रही। वर्ष 2008 में पुनर्गठन हुआ तो कुसमी, शंकरगढ़ और राजपुर विकासखंडों को मिलाकर सामरी विधानसभा क्षेत्र बनाया। इस साल होने वाले चुनाव में भी भाजपा का कब्जा कायम रहा। 2008 के चुनाव में कांग्रेस ने इस सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (रांकापा) पार्टी से समझौता किया था। इसके बाद बाद भी दूसरे स्थान पर निर्दलीय और तीसरे स्थान पर राकांपा थी। 2013 के चुनाव में भाजपा के गढ़ में कांग्रेस सेंध लगाने में सफल हुई। लगातार दो बार के विधायक और पूर्व संसदीय सचिव सिद्धनाथ पैकरा को कांग्रेस के डॉ. प्रीतम राम ने 31 हजार 823 वोट के अंतर से हराया। राज्य बनने के बाद के तीन चुनावों में यह वोट का प्रतिशत घटता-बढ़ता रहा है। 2003 में 58.54 फीसदी मतदान हुआ था तो 2008 में सीधे 94.23 फीसदी पहुंच गया था। मतलब, 35.69 फीसदी की वृद्धि हुई थी। इसके बाद 2013 में 83.39 फीसदी मतदान हुआ, जो कि पिछले चुनाव की तुलना में 10.84 फीसदी कम था। पिछली बार मतदान का प्रतिशत गिरने से भाजपा को पांच फीसदी से अधिक वोट का नुकसान हुआ था। इस बार यहां जोगी कांग्रेस भी अपने प्रत्याशी उतारेगी, लेकिन टक्कर भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहने की संभावना है।


विधायक जी बोले

सामरी क्षेत्र में लगातार और प्रदेश में 14 साल से भाजपा सत्ता में है, उसके बाद भी विकास नहीं हो पाया। मुझे बिजली और आवागमन के अभाव सौगात में मिली थी। मेरे प्रयास से आधा दर्जन से अधिक सब स्टेशन स्वीकृत हुए, जो निर्माणाधीन हैं। शंकरगढ़ में कालेज खुला। सामरी व चांदो में कालेज की मांग की गई है। नए पुल-पुलियों का निर्माण हुआ। चुनचुना-पुंदाग सड़क के काम तेजी आई। मेरा प्रयास है कि विकास अंतिम छोर के गांव तक पहुंचे। सिंचाई परियोजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। खुटपाली व लोधी बांध का मुद्दा सदन में उठाया, लेकिन सीएम के आश्वासन के बाद भी स्थिति यथावत है। स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली है, इस कारण खुद दूर-दराज के गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाता रहा हूं। सरकार सौतेला व्यवहार है, जिसे जनता समझ रही है। - डॉ प्रीतम राम विधायक,सामरी

हम हार गए वरना हम होते तो

पिछले साढ़े चार वर्षों से कई कार्य अधूरे पड़े हैं। वर्तमान विधायक व्यक्तिगत भले हैं, लेकिन वे राजनैतिक व्यक्ति नहीं हैं। उनके पास क्षेत्र के विकास की रूपरेखा नहीं है। क्षेत्र में कोई भी नया काम शुरू नहीं हो सका। मुख्यमंत्री से मंत्री तक उन्हें अच्छा मानते हैं, यदि विधायक प्रयास करते तो क्षेत्र के विकास के काम जरूर होते। सरगुजा में भी विपक्ष के विधायक हैं, लेकिन काम हो रहे हैं। पहले लरंगसाय, शिवप्रताप, रामविचार नेताम भी विपक्ष में थे, लेकिन काम होता था। विधायक पहल ही नहीं करेंगे तो कहां से काम होगा? वे यह कहकर नहीं बच सकते कि हम विपक्ष में हैं। - सिद्धनाथ पैकरा पूर्व विधायक

मतदान का गणित

- कुल वोटर: 191455

- पुरूष- 96009

- महिला- 95444

- अन्य-02

- नगर पंचायत-02

- पोलिंग बूथ-253