रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली कर्मचारी बुधवार को कंपनी के सभी नौ क्षेत्रीय मुख्यालयों और चारों पॉवर स्टेशन के सामने प्रदर्शन करेंगे। इस आंदोलन का नेतृत्व बिजली कंपनियों की सबसे बड़ी यूनियन बिजली कर्मचारी महासंघ कर रही है।

संघ ने प्रबंधन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो 6 जुलाई को डंगनिया स्थित बिजली मुख्यालय में सामने उग्र प्रदर्शन किया जाएगा। बिजली कर्मचारी महासंघ के अस्र्ण देवांगन ने बताया कि अध्यक्ष के साथ बैठक में हुई सहमति के बाद भी अब तक संविदा कर्मियों को नियमित नहीं किया गया है और न ही इस दिशा में कोई पहल होती दिख रही है।

मुख्यमंत्री के गृह जिला दुर्ग के 8 कार्यालय सहायक-1 को अनुभाग अधिकारी बनने से वंचित कर दिए गए हैं, अधिकारियो के पदों का रिस्ट्रक्चरिंग कर बड़ी संख्या में पदोन्न्ति प्रदान करने के 6 माह से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी कर्मचारियों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

कैश लेस मेडिकल सुविधा पर आज भी अनिर्णय की स्थिति है। आइटीआइ कर्मचारियों को टी ए ग्रेड 2 बनाने की प्रक्रिया 3 साल बाद भी पूर्ण नहीं किया जा सका है, इसके अतिरिक्त अनेक मुद्दों पर विचार नहीं किया जा रहा है। इन सबकी ओर प्रबंधन का ध्यानाकर्षण के लिए ही बुधवार को क्षेत्रीय मुख्यालयों तथा पॉवर स्टेशनों में गेट मीटिंग और ज्ञापन का कार्यक्रम रखा गया है।