रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग ने सत्र 2019-20 के लिए अध्ययन-अध्यापन की समय सारिणी में बदलाव कर दिया है। स्कूलों में लंच से पहले गणित, विज्ञान और अंग्रेजी विषयों को शिक्षकों की उपलब्धता के आधार पर पहले पढ़ाया जाएगा। प्राइमरी स्कूलों में पहली से लेकर पांचवीं तक 40 मिनट के बजाय एक घंटे का पीरियड अनिवार्य कर दिया गया है। प्राइमरी में पांच पीरियड होंगे।

मिडिल स्कूल में पहले, दूसरे और तीसरे पीरियड 50-50 मिनट के और बाकी पीरियड 45 मिनट के होंगे। योग, भारतीय संस्कृति, कला, पर्यावरण आदि के लिए 30 मिनट का पीरियड रखा गया है। हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में यथावत 40 मिनट के पीरियड होंगे। गौरतलब है कि इसके पहले रायपुर में तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने पीरियड एक घंटे करने का निर्णय लिया था। अब इसे प्रदेश भर के स्कूलों में लागू कर दिया गया है।

बच्चों और पालकों को सिखाएंगे क्यूआर कोड का इस्तेमाल

पाठ्य पुस्तकों में उपलब्ध क्यूआर कोड को देखने का तरीका बच्चों और पालकों को सिखाया जाएगा। पालकों, विशेषकर माताओं और बच्चों के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। पढ़ने में रुचि विकसित करने के लिए मुस्कान पुस्तकालय की पुस्तकों का वाचन किया जाएगा।

समुदाय के बीच जाकर गणित मेला का आयोजन कर बच्चों की प्रतिभा का प्रदर्शन किया जाएगा। बच्चों द्वारा विज्ञान में कबाड़ से जुगाड़ आधारित प्रयोगों का प्रदर्शन किया जाएगा। गांव में स्कूल की पढ़ाई के बारे में प्रचार-प्रसार के लिए दीवार लेखन किया जाएगा। समुदाय के लिए जन सहयोग के क्षेत्र की पहचान कर शाला की ओर से श्रमदान कराया जाएगा।

प्राइमरी स्कूलों में 40 मिनट का लंच

प्राइमरी स्कूलों में पहले पीरियड के बाद 10 मिनट का लघु अवकाश और तीसरे पीरियड के बाद 40 मिनट का लंच दिया जाएगा। मिडिल स्कूलों में लंच का समय सिर्फ 30 मिनट का होगा और हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में 20 मिनट का।

आठ जुलाई तक मनेगा प्रवेश उत्सव

स्कूलों में प्रवेश उत्सव व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ आठ जुलाई तक मनाया जाएगा। नौ जुलाई से कक्षाओं में नियमित अध्ययन प्रारंभ करने को कहा गया है। छह से 18 वर्ष तक के शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूल में प्रवेश कराने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षकों का होगा युक्तियुक्तकरण

शिक्षकों की उपलब्धता के लिए युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। शुरू के 15 दिनों तक बच्चों को गत वर्ष के लर्निंग आउटकम और गत राज्य स्तरीय आकलन के परिणामों के आधार पर उपचारात्मक शिक्षण सामग्री संबंधी अभ्यास के लिए जिलों में डाइट के माध्यम से दिवस वार पैकेज उपलबध करवाया जाएगा।