रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीगसढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी है। कैराना लोकसभा चुनाव में गर्मी के कारण ईवीएम खराब होने के बाद देशभर में मचे बवाल के बाद आयोग ने छत्तीसगढ़ में ऐसी आधुनिक मशीनें भेजी हैं, जिस पर गर्मी का असर नहीं होगा। तकनीकी खामियों को दूर करते हुए निर्वाचन आयोग ने प्रदेश में थर्ड जनरेशन ईवीएम से पहली बार मतदान कराने का फैसला किया है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने अति आधुनिक थर्ड जनरेशन की एम-3 मशीन को चुनाव के लिए मंगाया है। ईवीएम की पहली खेप राजधानी स्थित मुख्य निर्वाचन आयुक्त कार्यालय में पहुंच चुकी है। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि नई मशीन में वीवीपैट सिस्टम को जोड़ने के साथ नए बदलाव किये गये हैं।

निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि अब 384 प्रत्याशियों के लिए एक ही कंट्रोल यूनिट काम करेगा। अभी तक 100 प्रत्याशियों के लिए एक कंट्रोल यूनिट काम करता था। इसका असर यह होगा कि एक बैलेट यूनिट में 64 प्रत्याशियों के नाम शामिल हो सकते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल ईवीएम में 16 प्रत्याशी का नाम ही शामिल हो पाता था। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए राज्य की 90 विधानसभा क्षेत्र में 25 हजार से ज्यादा मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। नई मशीन ढोने में भी सुविधाजनक होगी। बस्तर और सरगुजा के पहाड़ी इलाकों में हल्की मशीन के इस्तेमाल से दिक्कत नहीं आएगी।

बड़े डिस्प्ले में दिखेगा उम्मीदवारों का नाम और चुनाव चिह्न

अधिकारियों ने बताया कि सबसे अधिक एम-3 मशीनों का इस्तेमाल रायपुर संभाग में किया जाएगा। इसमें पिछले ईवीएम की तुलना में बड़ा डिस्प्ले होगा। इन मशीनों के इस्तेमाल के लिए दस हजार से ज्यादा मास्टर ट्रेनर तैयार किये जाएंगे। इनकी ट्रेनिंग 10 जुलाई से शुरू होगी। इस मशीन को इलेक्ट्रानिक कार्पोरेशन आफ इंडिया, हैदराबाद ने तैयार किया है।

क्या है बैलेट यूनिट और कंट्रोल यूनिट

अधिकारियों ने बताया कि बैलेट यूनिट में वोट डालने की बटन लगी होती है। इसमें सभी प्रत्याशियों के नाम और चुनाव चिन्ह दिखाई देता है। अब तक चार बैलेट यूनिट को एक कंट्रोल यूनिट से मॉनिटर किया जाता था। आधुनिक मशीन में 18 बैलेट यूनिट एक कंट्रोल यूनिट से मॉनिटर होगी। कंट्रोल यूनिट में वोट रिकार्ड होता है।

इनका कहना है

नई जनरेशन की ईवीएम से पहली बार छत्तीसगढ़ में चुनाव हो रहा है। इसमें ज्यादा प्रत्याशी होने पर अलग से ईवीएम लगाने की जरूरत नहीं होगी। साथ ही वोट रिकार्ड भी होगा - यूसी अग्रवाल, उपमुख्य निर्वाचन आयुक्त, छत्तीसगढ़