रायपुर। बॉलीवुड में अभिनेताओं की दो जमात है- पहला स्टार और दूसरा एक्टर। फिल्म अभिनेता और अभिनेत्रियों के बेटे या बेटियां पैदा होते ही स्टार बन जाते हैं। हम सभी स्ट्रगल करके एक्टर बन पाते हैं। यह कहना है फिल्म 'पानसिंह तोमर' में शानदार अभिनय से लोगों का दिल जीतने वाले अभिनेता रविभूषण भारतीय का। वे शुक्रवार को राजधानी में थे। इस दौरान उन्होंने रील और रियल लाइफ के बारे में कई सारी बातें शेयर कीं।

बकौल रवि बॉलीवुड में 100 करोड़ से लेकर सबसे कम लागत में भी फिल्में बन रही हैं, लेकिन बिकती 100 करोड़ वाली फिल्म ही हैं। बॉलीवुड में भी मोनोपली चलती है। लोग छोटी फिल्मों को रिलीज नहीं होने देते और अगर छोटी फिल्में कमाल दिखा दें तो उनके साथ ही 100 करोड़ी फिल्म बनाते हैं। वर्तमान दौरान में चरित्र अभिनेताओं को फिल्मों में बेहतर स्थान न मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आज अभिनेता सभी प्रकार कि किरदार निभा रहा है। पहले अलग-अलग किरदार के लिए अलग-अलग अभिनेताओं का चयन किया जाता था। हर दौर में अभिनेताओं की अलग-अलग अहमियत होती है।

पत्रकारिता मेरी स्कूलिंग, फिल्म में ग्रेजुएशन

मैंने अपनी स्कूलिंग पत्रकारिता में की है और ग्रेजुएशन के लिए फिल्म को चुना। रवि ने माखनलाल पत्रकारिता विवि से पत्रकारिता की डिग्री ली है। इसके बाद वे फिल्म इंस्टिट्यूट पुणे चले गए, इसीलिए वो कहते हैं कि पत्रकारिता मेरी स्कूलिंग और फिल्म ग्रेजुएशन हैं। उनका कहना है कि हर सजग व्यक्ति पत्रकार होता है। लेकिन आज लोगों के पास टाइम कहां? सड़क पर पड़े लोगों को उठाने का भी समय किसी के पास नहीं है।