रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

श्रीराम कृषि कॉलेज (राजनांदगांव)में बीएससी की पढ़ाई कर चुके कृषि छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर नियम से हटकर फीस भरने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत लेकर आठ से दस छात्र इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे थे। इन्होंने विवि के शैक्षणिक निदेशक डॉ. एमपी ठाकुर को ज्ञापन सौंप कर मामले की जांच की मांग की। विवि के अनुसार छात्रों फीस संबंधी शिकायत लेकर आए थे, प्रकरण जांच के लिए एमआइएस विभाग को भेज दिया गया। संबंधित छात्रों द्वारा बीएससी द्वितीय वर्ष में भरी गई फीस की जानकारी मांगी गई है। कोई भी कृषि कॉलेज विवि के नियमों के बगैर छात्रों से अधिक फीस नहीं ले सकता। सभी कृषि कॉलेजों को इसका निर्देश दिया गया है।

यह पहला प्रकरण नहीं

ज्ञापन सौंपने आए कृषि छात्रों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वे 2014-15 बैच के छात्र हैं। द्वितीय वर्ष में बैक लग गया था, जिससे दोबारा परीक्षा दी। सत्र 2016-17 में फीस भरकर प्रथम सेमेस्टर की रजिस्ट्रेशन फीस भी भरी। अब द्वितीय वर्ष की फीस भरने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। नहीं भरने पर पीडीसी (प्रति सेमेस्टर रिजल्ट) नहीं देने की बात कॉलेज प्रबंधन कर रहा है। हालांकि प्राइवेट कृषि कॉलेजों में यह कोई पहला प्रकरण नहीं है।

शिकायत की जानकारी नहीं

छात्रों से मनमानी तरीके से फीस लेने की कई और शिकायतें विवि को मिल चुकी हैं। विवि ने निर्देश दिया है कि ऑनलाइन ही छात्रों से फीस ली जाए, इसके बावजूद कॉलेज स्वयं के बनाए नियमों पर चलते हैं। छात्रों की शिकायत पर श्रीराम एग्रीकल्चर कॉलेज के एडमिनिस्ट्रेशन अधिकारी नरेंद्र गौतम से बात करने पर कहा कि कॉलेज में विवि के नियमों के आधार पर ही छात्रों से फीस ली जाती है। फिलहाल शिकायत को लेकर मेरे पास कोई जानकारी नहीं है। पता कर ही बता पाऊंगा।