रायपुर। पं. दीनदयाल ऑडिटोरियम में बुधवार को आयोजित कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय के तीसरे दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने मातृभाषा को बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार को इस क्षेत्र में काम करना चाहिए और सरकारी नौकरी में मातृभाषा को अनिवार्य करना चाहिए। किसी भी व्यक्ति को मां, मातृभाषा और मातृभूमि को कभी नहीं भूलना चाहिए। भारत में हिंदी के बिना कोई भी आगे नहीं बढ़ सकता है। अंग्रेजी जरूरी है, लेकिन जहां जरूरत हो वहीं बोलें। उन्होंने कहा-कुशाभाऊ ठाकरे के साथ हमने काम किया है। आज उनके नाम के विवि के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर काफी प्रसन्नता हो रही है। काफी वक्त पत्रकारों के साथ रहकर हिंदी सीखी।

महिलाओं को दें आगे बढ़ने का मौका

उपराष्ट्रपति ने देश में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सब सुनकर मन विचलित हो जाता है। देश में अभी जो हालात हैं, ऐसे कभी नहीं थे। हमारे देश में जितनी भी नदियां हैं, उनके नाम महिलाओं के नाम पर हैं। महत्वपूर्ण देवियां, नारियां ही रहीं हैं। ऐसे में महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।

ब्रेकिंग के चक्कर में ऑलआउट न करें

उपराष्ट्रपति ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ब्रेकिंग न्यूज पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीआरपी और कॉम्पिटिशन के चक्कर में कई भ्रामक खबरें में चला दी जाती हैं। इससे लोगों में विश्वसनीयता कम होती है। इसलिए ब्रेकिंग के चक्कर में ऑलआउट न करें। मीडिया का काम पब्लिक को जागरूक करना है। नेता कैसा हो, इसकी भी जानकारी लोगों को देनी चाहिए। समाज को आगे बढ़ाने का काम मीडिया करे। युवाओं को जातिवाद और आतंकवाद से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका मीडिया निभाए।