रायपुर। रेलवे स्टेशन के पास बांसटाल स्थित होटल यांत्रिक के कमरा नंबर 105 में रविवार की शाम अंबिकापुर की अपूर्वा तिवारी (27) की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली। लगातार 24 घंटे तक हुई पूछताछ के दौरान बुधवार की शाम विपिन दुबे टूट गया। उसने बताया कि अपूर्वा बार-बार पत्नी से तलाक लेकर शादी करने के लिए दबाव बना रही थी।

होटल के कमरे में 11 मई की दोपहर 3.30 बजे वह इसी बात को लेकर विवाद करने लगी। समझाने के बाद भी नहीं मानी। तब गुस्से में आकर उसके नाक-मुंह को हथेली से दबाकर तौलिये से गला घोंट दिया। छटपटाने पर सिर व प्राइवेट पार्ट पर मुक्के से ताबड़तोड़ वार कर दिया।

कुछ देर बाद वह शांत पड़ गई। लाश को देखकर फंसने के डर से कमरा बाहर से बंदकर भाग निकला। विपिन के इस कबूलनामे के बाद पुलिस ने विधिवत उसकी गिरफ्तारी की। गुरुवार को उसे हत्या के केस में कोर्ट में पेश किया जाएगा।

गंज थाना प्रभारी मोहसीन खान ने बताया कि अपूर्वा तिवारी का प्रेमी विपिन ही उसका हत्यारा निकला। पूछताछ में विपिन ने बताया कि अपूर्वा से वर्ष 2012 से उसका प्रेम संबंध था। वह भी उसे चाहता था लेकिन घर वालों की मर्जी से तीन साल पहले दूसरी जगह शादी करनी पड़ी। उसकी एक बच्ची भी है।

शादी के बाद वह अपूर्वा से संबंध नहीं रखना चाहता था, लेकिन फोन पर वह मिलने के लिए बुलाती थी, नहीं जाने पर घर तक पहुंच जाती थी। मेरी पत्नी और घर वालों को इस संबंध के बारे में जानकारी हुई तो विवाद होने लगा। पत्नी संबंध तोड़ने को कहती थी और अपूर्वा तलाक लेकर शादी करने के लिए दबाव बनाती थी। वह दोराहे पर फंस गया था।

आर्य समाज मंदिर भी गए थे दोनों

विपिन ने बताया कि रायपुर आने के बाद वह अपूर्वा को लेकर आर्य समाज मंदिर बैजनाथपारा में शादी करने के संबंध में जानकारी लेने गया था। वहां से लौटने के बाद होटल के कमरे में अपूर्वा शादी करने और पत्नी को तलाक देने को लेकर विवाद करने लगी थी।

नौकरी लगवाने के नाम पर लिए थे एक लाख

अपूर्वा तिवारी के परिजनों ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पेटी कांट्रेक्टर का काम करने वाले विपिन दुबे ने तीन साल पहले अपूर्वा की महिला बाल विकास विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उसकी मां से एक लाख रुपये लिया था। अपूर्वा पैसे लौटाने को कहती थी तो वह टालमटोल करता था।

डेढ़ घंटे लाश के साथ बैठा था

अपूर्वा की हत्या करने के बाद आरोपी लाश के पास करीब डेढ़ घंटे तक बैठा रहा। इस दौरान वह पुलिस से बचने के उपाय सोचता रहा। शाम पांच बजे वह दरवाजे पर बाहर से ताला लगाकर रेलवे स्टेशन पहुंचा और वहां से ट्रेन में बैठकर मांढर तक गया। वहां से ट्रक और फिर रास्ते में बस तथा अन्य साधनों से दो दिन बाद अंबिकापुर पहुंचकर 13 मई को गांधी नगर थाने में यह कहकर सरेंडर किया कि अपूर्वा ने अचानक फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी, डरकर वह वहां से भाग निकला था।

जिस तौलिये से गला घोटा, वह जब्त

जिस तौलिये से विपिन ने अपूर्वा का गला घोटा, उसे गंज पुलिस ने सुबूत के तौर पर जब्त कर लिया है। पीएम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत और गले, चेहरे, सिर तथा प्राइवेट पार्ट में चोट आने का उल्लेख डाक्टरों ने पहले ही कर दिया था। इसके आधार पर ही पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया।

भाई ने कहा, अपूर्वा को लेकर घर में होता था विवाद

विपिन दुबे के छोटे भाई नितिन दुबे के साथ ही अपूर्वा के चाचा प्रतापपुर में तहसीलदार जेपी तिवारी तथा अन्य लोगों का पुलिस ने बयान दर्ज किया। नितिन ने बताया कि अपूर्वा से प्रेम संबंध को लेकर अक्सर घर में विवाद होता था। भाभी लगातार यह रिश्ता खत्म करने को कहती थी। जीपी तिवारी ने कहा कि विपिन ने नौकरी लगाने के नाम पर रुपये लाख ठगे थे। इसे लेकर भी अपूर्वा का विपिन से विवाद होता था।