रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेत पर सियासत एक बार फिर गरम हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने रेत खदानों के सरकारीकरण को लेकर सवाल किया।

अब कांग्रेस प्रवक्ता सुशील शुक्ला ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा के 15 साल के शासनकाल में छत्तीसगढ़ में सरकार प्रायोजित माफिया पनप गया था। सत्तारूढ़ दल के प्रभावशाली नेता अपने रसूख का उपयोग कर पंचायतों पर अनुचित दबाव बनाकर रेत खदानें हथिया लेते थे।

उन्‍होंने कहा कि सरकारी संरक्षण में चल रहे रेत के इस गोरखधंधे के कारण राज्य के खजाने को करोड़ों स्र्पये की राजस्व हानि होती थी। पंचायतों को भी उनके हिस्से की रायल्टी में भी रेत माफिया गोलमाल कर जाता था।

शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार ने रेत खदानों के नाम पर चल रहे गोरखधंधे को बंद करने के लिये रेत खदानों को सरकारी उपक्रम छत्तीसगढ़ मिनरल डेव्लेपमेंट कार्पोरेशन (सीएमडीसी) से चलवाने का निर्णय लिया है।

सरकार के इस निर्णय से रेत खदानों का बेहतर प्रबंधन और दोहन हो सकेगा। साथ ही खदानों के परिचालन में पूरी पारदर्शिता आयेगी। डॉ रमन पूर्वाग्रह में रेत खदानों के सीएमडीसी के संदर्भ में गलत बयानी कर रहे हैं।