राजनांदगांव। 12 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तीन दिनों बाद नाम-निर्देशन पत्रों का दाखिला शुरू हो जाएगा। दावेदार अभी टिकट हथियाने एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं, लेकिन उम्मीदवारी तय होने के बाद उन्हें नामांकन पत्र को भरने के लिए माथापच्ची करनी पड़ेगी। ऐेसा इसलिए क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर नाम-निर्देशन पत्र का प्रारूप पहले की अपेक्षा में कहीं अधिक जटिल है।

करीब दो सौ से अधिक बिंदुओं में भरे जाने वाले इस पत्र का कोई भी कॉलम खाली नहीं छोड़ा जाना है। अगर भूल से कोई कालम खाली रह गया तो नामांकन निरस्त किया जा सकता है। साथ ही सही को सही लिखना होगा, यदि सही का निशान भर लगा दिया तो यह महंगा पड़ सकता है। इतना ही नहीं, कई नई जानकारियां भी इस बार उम्मीदवारों को नामांकन में देना है। इस कारण प्रत्याशियों को जमा करने के कम से कम दो दिन पहले विधि सलाहकारों के साथ बैठकर तैयारी करनी होगी।

प्रदेश की 18 सीटों पर पहले चरण में 12 नवंबर को मतदान होना है। इसके लिए 16 अक्टूबर से नामांकन दाखिले का सिलसिला शुरू हो जाएगा। नामांकन पत्र में जितने भी कालम दिए जाएंगे, सभी को भरा जाना अनिवार्य कर दिया गया है। हां या नहीं, वाले कालमों में भी हां-नहीं लिखना ही होगा। पहले ऐसे कई कालमों को खाली छोड़ दिया जाता था। इस दफे नए नियम में इसे आवश्यक बना दिया गया है।

देना होगा अपराध का ब्यौरा

दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नामांकनपत्र के प्रारूप में जो अहम बदलाव किए गए हैं, उनमें सबसे प्रमुख आपराधिक रिकॉर्ड वाला है। आपराधिक मामलों की जानकारी में पुलिस थाने का नाम, धाराएं और प्रकरण नंबर अंकित करना होगा। साथ ही ट्रायल कोर्ट का नाम भी प्रत्याशी को बताना पड़ेगा। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण, क्या आरोप पत्र पेश किया जा चुका है? क्या सजा सुनाई गई है? अगर हां तो कब? क्या किसी फैसले के खिलाफ अपील या रिविजन दाखिल की गई है? अगर हां तो प्रकरण की वर्तमान स्थिति, जैसी कई बिंदुओं में जानकारी देनी होगी।

जीएसटी का भी रहेगा साया

जीएसटी से संबंधित जानकारी भी नामांकनपत्र में मांगी जाएगी। नए प्रारूप में पूछा जाएगा कि उम्मीदवार का जीएसटी तो बकाया नहीं है। संपत्ति कर समेत अन्य किसी भी तरह के कर बकाए के बारे में भी नामांकनपत्र में जानकारी मांगी गई है। इतना ही नहीं प्रत्याशी को किसी तरह के विवादित संपत्ति मामलोें के बारे में भी बताना होगा। इसमें उसकी कीमत भी बतानी होगी। शासकीय परिवहन को लेकर अगर किसी तरह का बकाया है तो इसकी जानकारी नाम-निर्देशन पत्र में देनी होगी। इसमें एयरक्राफ्ट और हेलीकाप्टर को लेकर बकाया का जिक्र है।

निशान से नहीं चलेगा काम

नाम-निर्देशन पत्र में कई बिंदुओं पर जो जानकारी चाही जाती है, वह हां या नहीं में होती है। पहले केवल सही या गलत का निशान लगाकर इसकी पूर्ति कर दी जाती थी। इस दफे प्रत्याशी को जो सही है उसे सही और जो गलत है उसे गलत लिखना होगा। सही-गलत या हां-नहीं का निशान भर लगा देने से काम नहीं चलेगा। इसके अलावा पहली बार नामांकन पत्र मेंं प्रत्याशी दो बाई ढाई साइज की कलर फोटो शपथ पत्र में अनिवार्य रूप से लगानी होगी।

कुछ बदलाव हैं

नामांकन फार्म में कुछ बदलाव की जानकारी मिली है, लेकिन अभी हमारे पास फार्म आया नहीं है। इस कारण ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता। हां, सभी कॉलमों को अनिवार्य रूप से भरा जाना है। साथ ही आपराधिक रिकार्ड का विस्तृत ब्यौरा भी देना होगा।

-ओंकार यदु, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी