राजनांदगांव । सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के डोंगरगांव शाखा में कृषि ऋण बांटने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें शाखा प्रबंधक ने डोंगरगांव, खुज्जी व छुरिया क्षेत्र के करीब 101 किसानों के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर करोड़ों रुपए का घपला किया है। पूरा मामला बीते वर्ष 2011-12 का है। मियाद पूरी होने के बाद भी जब किसानों ने ऋण की राशि जमा नहीं की, तब इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बड़ी बात यह है कि जिन किसानों के नाम से बैंक से कृषि ऋण आबंटित हुआ है, उस नाम के क्षेत्र में कोई किसान ही पंजीकृत नहीं है।

डोंगरगांव तहसीलदार व पटवारियों ने भी दस्तावेजों को फर्जी बताया, जिसके बाद सेंट्रल बैंक रायपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंध्ाक गिरीश कारिया ने फर्जीवाड़े की शिकायत डोंगरगांव थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने तत्कालीन बैंक मैंनेजर सुनील पन्ना के खिलाफ अपराध दर्जकर मामले को विवेचना में लिया है।

शिकायतकर्ता रायपुर सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक गिरीश कारिया ने बताया कि डोंगरगांव शाखा में खुज्जी डोंगरगांव व छुरिया क्षेत्र के किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी कर कृषि लोन आबंटित किया गया है, लेकिन ऋण की अदायगी नहीं हुई है।

इसके बाद जब मामले की जांच की गई तो 101 किसानों के नाम समेत सभी दस्तावेज को फर्जी पाया गया। यहां तक की दस्तावेजों में तहसीलदार व राजस्व अधिकारी के सील मुहर और हस्ताक्षर भी फर्जी हुए हैं। किसानों के बैंक खाते भी बनावटी है। जिसके आधार पर कृषि ऋण आबंटित किया गया है।

करोड़ों रुपये का फर्जीवाड़ा

बताया गया कि सेंट्रल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील पन्ना ने अपने कार्यकाल में सभी प्रकार के ऋण आबंटित किए हैं। इसमें कृषि ऋण सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि बैंक को आर्थिक नुकसान पहुंचाने फर्जी दस्तावेज के आधार पर करोड़ रुपए का कृषि लोन बांटा गया है, जो पूरी तरह गलत है। शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक को भी आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी है।

- बैंक के तत्कालीन मैंनेजर के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया गया है। मामला कृषि लोन के नाम पर बैंक से राशि आवंटन का है, जिसमें 101 किसानों के फर्जी दस्तावेज बनाकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है। जांच के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। - तारण दास डहरिया, प्रभारी टीआई डोंगरगांव