0 मूल ठेका कंपनी जीवीआर ने खड़े किए हाथ, प्रशासन ने की पहल

0 करोड़ों के लंबित भुगतान को लेकर अब भी है असमंजस

0 कलेक्टर के निर्देश पर अपर कलेक्टर ने ली बैठक, दिए निर्देश

अंबिकापुर/बतौली/सुवारपारा । नईदुनिया प्रतिनिधि

अंबिकापुर से पत्थलगांव तक राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण अब भोपाल की अस्वद कंस्ट्रक्शन कंपनी कराएगी। एक हफ्ते के भीतर सड़क निर्माण का काम फिर से शुरू हो जाएगा। मूल ठेका कंपनी जीवीआर के लंबित भुगतान को लेकर अभी तक कोई पहल नहीं होने से सप्लायरों, व्यवसायियों में असमंजस की स्थिति बनी है। गुरुवार को विधायक अमरजीत भगत ने पुनः कलेक्टर से मुलाकात कर सड़क निर्माण की मूल ठेका कंपनी का लंबित भुगतान अविलंब कराने की मांग की।

लंबी प्रतीक्षा के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के तहत अंबिकापुर से पत्थलगांव तक स्वीकृत राष्ट्रीय राजमार्ग के नवनिर्माण व चौड़ीकरण का काम अब भी बंद पड़ा हुआ है। प्रशासनिक स्तर पर ठेका कंपनी को सारी व्यवस्था सुनिश्चित कर देने के बावजूद पिछले पखवाड़े भर से कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी नदारद हैं। पिछले लगभग सवा साल से मार्ग में हुए काम का करोड़ों का भुगतान लंबित है। इसमें किराना से लेकर सामग्री और वाहनों का किराया भी शामिल है। सड़क नवनिर्माण व चौड़ीकरण को लेकर उत्पन्न असमंजस की स्थिति के बीच गुरूवार को एक सुखद खबर प्रशासनिक स्तर पर आई है कि अब भोपाल की अस्वद कंपनी सड़क निर्माण का काम पूरा कराएगी। कलेक्टर किरण कौशल द्वारा भी लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग 43 के नवनिर्माण कार्य की प्रगति की मानिटरिंग की जा रही थी। कलेक्टर के निर्देश पर गुरूवार को अपर कलेक्टर चंद्रकांता ध्रुव ने आज अंबिकापुर से सीतापुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग के निरीक्षण उपरांत सीतापुर तहसील के विश्रामगृह में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, जीवीआर इंफ्रा लिमिटेड तथा नव नियुक्त कंपनी अस्वद कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों की बैठक लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मुख्य ठेका कंपनी जीवीआर इंफ्रा लिमिटेड द्वारा नियुक्त निर्माण एजेंसी अस्वद कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड भोपाल के प्रोजेक्ट इंचार्ज आकाश कुमार को डायवर्सन तथा खतरनाक मोड पर रेडियमयुक्त साइन बोर्ड लगाने तथा सड़क के किनारे सेफ्टी रिबन लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने निश्चित समय अंतराल पर टैंकर से पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए। अपर कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में अव्यवस्था निर्मित होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को पत्र जारी कर व्यवस्था दुरूस्थ करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर चौड़ीकरण कार्य सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके। उन्होंने अस्वद कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के इंचार्ज को रोड समतलीकरण हेतु मजदूरों की व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि अंबिकापुर से पत्थलगांव तक करीब 96 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग नव निर्माण हेतु 423.60 करोड़ की लागत से जीवीआर इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड चेन्नई द्वारा कराया जा रहा है। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहायक अभियंता नितेश तिवारी, उप अभियंता नवीन सिन्हा, अस्वद कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड के प्रोजेक्ट इंचार्ज आकाश कुमार, जीवीआर इंफ्रा लिमिटेड के मधुकांत, राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दिल्ली से आ रही हैं नई मशीनें

अस्वद कंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड भोपाल के प्रोजेक्ट इंचार्ज आकाश कुमार ने बैठक के दौरान बताया कि कंपनी द्वारा कांक्रीटीकरण हेतु दो डीएलसी पेवर मशीन तथा दो पीक्यूसी पेवर मशीन के साथ ही अन्य नई मशीनों का डिस्पेच दिल्ली से हो चुका है जो आगामी चार से पांच दिन में यहां पहुंच जाएंगी। उन्होंने बताया कि उनके कंपनी द्वारा यहां सडक चौड़ीकरण के लिए आवश्यक सभी मशीनों को नया मंगाया जा रहा है।

423 करोड़ का काम और चंद मशीनरी

अंबिकापुर से पत्थलगांव तक सड़क चौड़ीकरण व नवनिर्माण के लिए 423 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, लेकिन मूल ठेका कंपनी जीवीआर के वीरान पड़े कैंप कार्यालय को देखकर यह आसानी से समझा जा सकता है कि कंपनी ने जो स्वयं के संसाधन यहां लाए थे, उससे इतना बड़ा काम हो पाना संभव ही नहीं है। हाइवा, वाइब्रेटरों व दूसरे मशीनरियों की हालत भी खराब है। कुछ वाहन तो कंडम स्थिति में हैं, जिनका उपयोग सड़क नवनिर्माण व चौड़ीकरण के लिए कर पाना भी संभव नहीं है।

भुगतान को लेकर असमंजस

राष्ट्रीय राजमार्ग नवनिर्माण व चौड़ीकरण का काम तो एक हफ्ते के भीतर शुरू कराने प्रशासनिक तैयारी पूरी हो गई है, लेकिन मूल ठेका कंपनी जीवीआर का जो भुगतान मजदूरों, सप्लायरों, वाहन मालिकों, व्यवसायियों का शेष बचा है, उसे लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों की माने तो लगभग एक करोड़ की गिट्टी, डेढ़ से दो करोड़ के वाहनों का किराया, एक से डेढ़ करोड़ का मजदूरी भुगतान, 10 लाख से अधिक का राशन का भुगतान सहित छोटे-मोटे अन्य भुगतान मिलाकर करोड़ों का अभी भी बकाया है। यह राशि कैसे मिल सकेगी, इसे लेकर सभी परेशान हैं।

विधायक फिर मिले कलेक्टर से

लगातार मजदूरी भुगतान को लेकर उठ रही मांग और जीवीआर कंपनी के अधिकारियों के नदारद रहने के बीच स्थानीय विधायक अमरजीत भगत ने पहल की है। उन्होंने प्रभावितों के साथ सरगुजा कलेक्टर किरण कौशल से मुलाकात की। इस मामले में अमरजीत भगत ने बताया कि किराए पर ली गई वाहन के स्वामियों, मजदूरों, पेट्रोल पंप मालिक, किराए पर लिए गए अफिस के स्वामियों के साथ उन्होंने सरगुजा कलेक्टर को सारी समस्याएं बताई हैं। सरगुजा कलेक्टर ने जल्द ही भुगतान की समस्या खत्म करने का ठोस आश्वासन दिया है। श्री भगत ने कहा कि सड़क निर्माण कार्य की स्थिति काफी गंभीर है। जल्द ही इस समस्या से उबरना होगा। तभी क्षेत्र की जनता राहत महसूस कर सकेगी।