रायपुर। छत्तीसगढ़ में हो रही 24वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता यहां अफसरों के कमाई का जरिया बन गई। खेल प्रतियोगिता में शामिल होने आए प्रतिभागियों से प्रति प्रतिभागी 14 हजार शुल्क वसूला गया और उन्हें सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं मिला। कई प्रतिभागियों ने नईदुनिया से शिकायत की कि खाना बेहद घटिया रहा और यातायात की व्यवस्था नहीं मिल पाई।

इधर एक सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने आरोप लगाया है कि प्रतियोगिता में खाने का ठेका अफसरों ने सेटिंग करके अपने चहेतों को दे दिया। प्रति थाली 12 सौ रुपये का खाना खिलाया जा रहा है। जब इस बारे में संबंधित अफसरों से पूछा गया तो कहने लगे आरोप गलत हैं। 12 सौ रुपये का खाना नहीं था बल्कि 1012 रुपये का खाना था।

प्रतियोगिता में भाग लेने आए पीसीसीएफ स्तर के एक दूसरे राज्य के अधिकारी ने कहा कि हमारे लिए कहीं आने जाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई थी। हमें वाहन स्वामियों के नंबर दिए गए लेकिन जब उन नंबरों पर फोन लगाया तो पता चला वे वाहन और चालक रायपुर में नहीं बल्कि किसी और शहर में थे। इन अव्यवस्थाओं की चर्चा ही बेमानी है।

आरोप तो यह लग रहा है कि प्रतियोगिता के लिए अफसरों ने निविदा प्रक्रिया का पालन किए बिना खरीद की और ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर नकली जूते, टीशर्ट, खेल सामग्री और ट्रेक सूट सप्लाई करा दिए गए। पूरी प्रतियोगिता में 50 लाख से ज्यादा की गड़बड़ी का आरोप लगा है। इससे संबंधित सूचनाएं सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रही हैं।

वायरल ऑडियो से बवाल

सामाजिक कार्यकर्ता कुणाल शुक्ला ने एक ऑडियो जारी किया है जिसमें वन विभाग का एक कर्मचारी उन्हें बता रहा है कि वन विभाग के अफसर और खेल प्रभारी श्रीनिवास राव ने एडिडास जैसी नामी कंपनी के नाम पर नकली ट्रैक सूट खरीदा है। आयोजन में साढ़े तीन सौ इनोवा, चार सौ बसें चलाई गईं फिर भी प्रतिभागियों को वाहन नहीं मिले। बगैर टेंडर के ढाई सौ ब्लैजर बनवा लिया गया। राव ने अपने किसी खास को खाने का आर्डर दिया जिसकी एक थाली 12 सौ की पड़ी।

हाई-टी का कूपन व्यर्थ गया

खेल प्रतियोगिता में भाग लेने आए एक अधिकारी ने खाने के कूपन दिखाए। इसमें नाश्ता, दोपहर का भोजन, हाई-टी (शाम के वक्त दी जाने वाली चाय और स्नैक्स) और डिनर का अलग-अलग कूपन था। बताया गया है कि खाना बेहद घटिया था और कई खिलाड़ियों ने पेट फूलने की शिकायत की। हाई-टी का आयोजन तो एक भी दिन किया ही नहीं गया।

पुरानी सरकार के जाने और नई सरकार के आने से पहले किया खेल

बताया गया है कि श्रीनिवास राव ने 13 दिसंबर को एक कंपनी को खेल सामग्री सप्लाई का ठेका दिया। तब पुरानी सरकार तो जा चुकी थी लेकिन नई सरकार का गठन नहीं हुआ था। उक्त अफसर ने सिर्फ एडीडास कंपनी से ही प्रस्ताव मंगाया जबकि नियमानुसार इतनी बड़ी प्रतियोगिता के लिए नाइक, रिबॉक, लोट्टो जैसी अन्य कपंनयिों से भी रेट मंगाया जाना चाहिए था।

आरोप निराधार हैं, दफ्तर आइए कागज देता हूं

इस मामले में खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष और कैंपा के प्रभारी पीसीसीएफ श्रीनिवास राव ने कहा कि आरोप निराधार हैं। 12 सौ की थाली नहीं थी, 1012 रुपये की थी। सबकुछ टेंडर प्रक्रिया के तहत हुआ है। आप दफ्तर आइए, सभी कागज दिखा दूंगा।