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    खोखनिया में किसानों को वैज्ञानिक खेती के मिले टिप्स

    Published: Thu, 15 Feb 2018 11:08 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 11:08 PM (IST)
    By: Editorial Team
    15febambp19 15 02 2018

    0 आकाशवाणी की टीम किसान दिवस पर पहुंची कृषि वैज्ञानिकों के साथ गांव

    0 किसानों के समस्याओं का किया गया समाधान

    अंबिकापुर । नईदुनिया न्यूज

    आकाशवाणी अंबिकापुर चौपाल अनुभाग की टीम रेडियो किसान दिवस पर बलरामपुर जिले के ग्राम खोखनिया कृषि विशेषज्ञों व कृषि अधिकारियों के साथ पहुंची। किसानवाणी चौपाल के अंतर्गत आयोजित इस किसान दिवस पर खोखनिया के किसानों को वैज्ञानिक खेती करने के टिप्स दिए गए। किसानों को खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी मौके पर किया गया। ग्रामीण कृषकों ने अपने गांव में कृषि वैज्ञानिकों को पहली बार पाया और खेती-किसानी से संबंधित कई सवाल किए जिसका मौके पर समाधान भी किया गया।

    आकाशवाणी अंबिकापुर किसानवाणी चौपाल के अंतर्गत किसान दिवस पर बलरामपुर के राजपुर विकासखंड अंतर्गत खोखनिया पहुंचे राजमोहिनी देवी कृषि महाविद्यालय और अनुसंधान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ. डीके गुप्ता ने किसानों को बताया कि गन्ना की उन्नत खेती कैसे किया जा सकता है। उन्होंने गन्ना उत्पादन की तकनीक के बारे में बताया सही मात्रा में बीज का चुनाव, बीज का उपचार कर के गन्ना का उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। डॉ. पीके भगत ने बताया कि फसलों में लगने वाले विभिन्न कीटों की रोकथाम किस प्रकार से समन्वित कीट प्रबंधन करके कर सकते हैं जिसमें उन्होंने कृषिगत उपचार, यांत्रिक उपचार तथा रासायनिक उपचार की विधियों को बताया। कृषि विज्ञान केंद्र बलरामपुर के मृदा विशेषज्ञ मनीष आर्य ने बताया कि वर्तमान में किसानों को अधिक उत्पादन लेने के लिए मिट्टी का परीक्षण आवश्यक है। सही मात्रा में पोषक प्रबंधन करना कितना आवश्यक है यह आज के समय में अत्यंत जरूरी है। मिट्टी की सही जांच होने के पश्चात किसानों को मृदा स्वास्थ्य पत्रक जारी किया जाता है जिसमें विस्तृत जानकारी होता है। बलरामपुर जिले की उप संचालक कृषि जेपी चंद्राकर ने बताया कि किसानों को कृषि विभाग के द्वारा अनेक योजनाओं का संचालन सुविधाएं प्रदान किया जा रहा है जिसमें संबंधित योजनाओं जैसे किसान समृद्धि योजना योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सौर सुजला योजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत में आकाशवाणी केंद्र अंबिकापुर के उप निदेशक लखनलाल भौर्य ने बताया कि रेडियो किसान दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 15 फरवरी 2008 को आकाशवाणी केन्द्र अंबिकापुर की चौपाल किसानवाणी अनुभाग से किसानवाणी कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी इसलिए किसान दिवस मनाया जाता है। आकाशवाणी केन्द्र अंबिकापुर के कार्यक्रम अधिशासी महेन्द्र साहू ने आभार व्यक्त किया।

    और जानें :  # Scientific farming tips
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