बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

जनजाति जीवन को समझने की आवश्यकता है। उनके विस्थापन संबंधी समस्याओं के निराकरण की भी पहल की जानी चाहिए। यह बातें मुख्य अतिथि पंडित सुंदरलाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.बंश गोपाल सिंह ने शनिवार को राज्य स्तरीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।

अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय और जनजाति हितरक्षा मंच के संयुक्त तत्वावधान में अचानकमार बाघ अभ्यारण्य एवं जनजाति जीवन एक दृष्टि विषष पर संगोष्ठी हुई। मुख्य अतिथि कुलपति डॉ.सिंह ने आगे जनजाति के अधिकारों पर चर्चा की। संगोष्ठी को अटल विवि के कुलसचिव डॉ.श्रीमती इंदु अनंत ने संबोधित करते हुए कहा कि समाज को जनजाति के जीवन एवं सामाजिक समस्याओं को समझने व अंगीकृत करने की वृहद अवश्यकता है। सुंदरलाल विवि के कुलसविव डॉ.राजकुमार सचदेवा एवं गिरीश कुबेर ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों एवं उनको प्रदत्त अधिकारों के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। तकनीकी सत्र को रानी दुर्गावती विवि जबलपुर के रिटायर्ड प्राध्यापक डॉ.शिवकुमार तिवारी, बस्तर विवि के प्राध्यापक डॉ.आनंद मूर्ति,मानव विकास एवं शोध संस्थान करंजिया मंडला के अध्यक्ष डॉ.एचडी गांधी,छग हाईकोर्ट के अधिवक्ता महेश मिश्रा, कृष्णराव सप्रे वन अकादमी के शिवव्रत मोहंती एवं रितेश देशमुख ने संबोधित किया।