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    शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार, जांच नहीं कर रहे अधिकारी

    Published: Thu, 15 Feb 2018 11:26 PM (IST) | Updated: Thu, 15 Feb 2018 11:26 PM (IST)
    By: Editorial Team

    लोरमी। नईदुनिया न्यूज

    एटीआर से विस्थापित बाकल, बोकराकछार, सांभरधसान में शासन की योजना के तहत शौचालय निर्माण में भ्रष्टाचार की सुध अधिकारी नहीं ले रहे हैं। लगातार शिकायत के बाद भी जांच टीम गठित नहीं की गई है जिससे इस मामले में विभागीय अधिकारियों और प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।

    उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत कारीडोंगरी में एटीआर से विस्थापित बाकल, बोकराकछार व सांभरधसान के 90 परिवार को बसाया गया है। यहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत बैगा आदिवासियों के लिए शौचालय का निर्माण किया गया है लेकिन निर्माण कार्य में निर्माण एजेंसी पंचायत द्वारा निर्माण में भ्रष्टाचार किया गया है। अधिकारियों की निगरानी में हुए शौचालय निर्माण के कार्य में जमकर अनियमितता की गई है। निर्माण कार्य एक वर्ष भी नहीं हुआ था कि एक भी शौचालय उपयोग के लायक नहीं है। बैगा आदिवासी शौचालय का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। ज्ञात हो निर्माण कार्य सरपंच द्वारा कराया गया है। कलेक्टर से लेकर निचले स्तर के अधिकारी व कर्मचारियो के सतत निगरानी के बाद भी शौचालय निर्माण में गुणवत्ताहिन सामाग्री का उपयोग किया गया है। शौचालय निर्माण में कम सीमेंट और मटेरियल के उपयोग के चलते शौचालय निर्माण अभी एक साल भी नही हुआ है और जर्जर हो गया है।

    बैगाओं ने गिनाई परेशानी

    बैगाओं ने बताया कि शौचालय टूटने की वजह से उसका उपयोग नहीं करते हैं। ज्ञात हो कि शौचालय निर्माण में अनियमितता की शिकायत तो शुरू से ही थी लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया और सिर्फ और सिर्फ निर्माण कार्य में तेजी से कार्य किया गया आलम यह है कि आज जिस उद्देश्य से शौचालय का निर्माण किया गया है पूरी नहीं हो पार्ई। गौरतलब है कि शौचालय निर्माण को लेकर जिला प्रशासन को सम्मान व पुरस्कार मिला है लेकिन ठीक इसके विपरित अब गड़बड़ी परतदर परत सामने आ रही है। 12 हजार में बनने वाले शौचालय को महज 8 से 10 हजार रुपए में गुणवत्ताहिन सामाग्री का उपयोग कर बना दिया गया है। इसकी जानकारी अधिकारियों को थी लेकिन उन्होंने नजरअंदाज कर दिया और अब शिकायतें सामने आ रही है।

    सरपंच से हो रिकवरी

    ग्रामीणों ने कहा शौचालय निर्माण में सरपंच द्वारा जिस प्रकार अनियमितता की गई है, नियमानुसार सरपंच से ही रिकवरी होनी चाहिए। या फिर पूरे शौचालय को उपयोग के लिए मरम्मत कार्य सरपंच द्वारा कराया जाना चाहिए। यदि शौचालय का मरम्मत कार्य शासन की राशि से होता है तो यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली बात होगी। मामले में सरपंच के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।जबकि एसडीएम का कहना है कि शौचालय निर्माण की जांच कर प्रतिवेदन सौंपने के लिए कहा जा चुका है।

    विस्थापित ग्राम में शौचालय निर्माण की जांच के लिए सीईओ को निर्देशित किया गया है कि वे जांच कर प्रतिवेदन सौंपे। जांच के आधार पर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    - सीएस पैकरा, एसडीएम लोरमी

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