0 यूजीसी के प्रावधानों के अनुरूप पहली बार विवि में पीएचडी की सुविधा

0 ली जाएगी प्रवेश परीक्षा, एक शोध निदेशक के अधीन दो शोधार्थी का पंजीयन

अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

सरगुजा विवि द्वारा विवि अनुदान आयोग के नियमों के अनुरूप पीएचडी कराने की तैयारी कर ली है। शोध केंद्रों का निर्धारण व शोध निदेशकों को सूचीबद्घ करने के बाद प्रबंधन द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा 28 अक्टूबर से 4 नवंबर के मध्य कराने का निर्णय लिया है। नए नियमों से पीएचडी की सुविधा उपलब्ध कराने से आवेदकों में भी उत्साह है। कुलपति की अध्यक्षता में शोध निदेशकों की बैठक हुई। जिसमें पीएचडी प्रवेश परीक्षा, शोधार्थियों के चयन आदि पर विचार-विमर्श किया गया।

सरगुजा विवि की स्थापना के बाद यूजीसी के मापदंडों के विपरित पीएचडी कराई जा रही थी। जिसका छात्रों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में यूजीसी ने निर्धारित मापदंड अनुरूप पीएचडी कराने कुलपति प्रो. रोहिणी प्रसाद के मार्गदर्शन में प्रबंधन ने पहले शोध केंद्रों की स्थापना की तथा शोध निदेशकों की सूची भी जारी कर दी। जिसे विवि की वेबसाइट में अपलोड करने के बाद प्रबंधन द्वारा अब प्रवेश परीक्षा लेगा। प्रो. रोहिणी प्रसाद की अध्यक्षता में संबद्घ महाविद्यालयों में बनाए गए विभिन्न विषयों के शोध निदेशकों की बैठक हुई। जिसमें उन्होंने बताया कि नवंबर तक पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। जिन्होंने नेट-सेट परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे प्रवेश प्रक्रिया से मुक्त होंगे। उन्होंने बताया कि एक शोध निदेशक के अंतर्गत केवल दो शोधार्थी ही पंजीयन करा सकेंगे। इसमें आरक्षण व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। विवि में शोध पूर्व कोर्स संचालित किए जाएंगे और साहित्यिक चोरी (पिलिग्रिज्म) संबंधी साफ्टवेयर तैयार किया जाएगा, जिससे पीएचडी में नकल संबंधी रोकथाम की जाएगी। यूजीसी ने 10 प्रतिशत की विषय सामग्री ग्रहण करने की सामान्य छूट दी है। उसका अनुपालन कराया जाएगा। पीएचडी शोध प्रबंध हेतु अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू व संस्कृत भाषा का फांट भी निर्धारित होगा। कुलसचिव विनोद एक्का ने भी पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर प्रबंधन की तैयारियों की जानकारी दी। बैठक में वाणिज्य, विज्ञान, कला, अभियांत्रिकी आदि अनेक संकायों के 50 से भी अधिक शोध निदेशक उपस्थित थे।

नैक ग्रेडिंग पर भी फोकस

बैठक में कुलपति ने उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों के आधार पर नैक का निरीक्षण कराने की पहल करने प्राचार्यों को निर्देशित किया। वर्तमान में विवि से संबद्घ सिर्फ छह कालेजों को ही नैक से ग्रेडिंग मिली है। बी व बी-प्लस ग्रेड में सुधार के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने प्रेरित किया। उन्होंने शोध कार्यों को जनता की बेहतरी से जोड़कर लगाने की प्राचार्यों को समझाइश दी।

नवंबर में आएगी नैक टीम

स्थापना के बाद पहली बार सरगुजा विवि ने नैक से ग्रेडिंग के लिए आवेदन किया है। संभवतः नवंबर में नैक की टीम निरीक्षण पर पहुंचेगी। नैक के निरीक्षण से पहले प्रबंधन द्वारा तैयारियों को पूरा किया जा रहा है। विवि शिक्षण विभाग, विवि इंजीनियरिंग कालेज के विभागाध्यक्षों की बैठक लेकर सुझावों का आदान-प्रदान किया गया। विभागाध्यक्षों की ओर से कमियों की ओर ध्यानाकृष्ट कराने पर प्रबंधन स्तर से उन कमियों को दूर करने प्रयासों की जानकारी दी गई।