0 ग्रामीणों ने बचाई जान, पुलिस ने दर्ज नहीं की रिपोर्ट

0 छात्र संगठनों ने दी आंदोलन की चेतावनी

भटगांव । नईदुनिया न्यूज

सूरजपुर जिले के एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के जरही स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में प्राचार्य से अपमानित छात्र ने शनिवार की दोपहर डुमरिया बांध में कूदकर जान देने की कोशिश की। जिसे ग्रामीणों के सहयोग से बाहर निकाला जा सका। छात्र के मित्रों के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार उपरांत देर रात डाक्टरों ने छुट्टी दे दी। घटना से नाराज छात्र संघों ने रविवार सुबह सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल प्रांगण में प्रबंधन, प्राचार्य व पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। छात्र ने आरोपी प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

मामला सूरजपुर जिले के भटगांव क्षेत्र स्थित जरही के सरस्वती शिशु मंदिर से जुड़ा है। छात्र अमित कुमार मेहता पिता प्रमोद कुमार मेहता 16 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 महामाया स्कूल रोड सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में कक्षा 12वीं के बायोलाजी का छात्र है। छात्र के अनुसार बीते 11 सितंबर मंगलवार को प्राचार्य द्वारा सभी कक्षाओं में अध्यापन कार्य का निरीक्षण किया जा रहा था। इसी बीच प्राचार्य ने कक्षा 12वीं के बायोलाजी कक्षा में घुसकर अध्यापन कार्य देखा। इसी बीच प्राचार्य का ध्यान अमित के गणवेश की ओर गया, जिसे देख प्राचार्य कक्षा में ही छात्र को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसी बीच अमित प्राचार्य को कुछ बता पाता कि प्राचार्य ने उसे स्कूल से चले जाने के लिए कह दिया एवं अभिभावक के आने के बाद ही स्कूल में प्रवेश करने की हिदायत दी। देर शाम पीड़ित के नाना के घर में आने के बाद उनके साथ मनेंद्रगढ़ गया था। नाना के घर से वापस आकर शनिवार की सुबह अमित पूर्ण गणवेश में तैयार होकर स्कूल पहुंचा। उसे आचार्य अर्जुन राम ने प्राचार्य से अनुमति के उपरांत ही कक्षा में बैठने की अनुमति देने की जानकारी दी तो अमित प्राचार्य कक्ष में पहुंचा एवं उनसे मुलाकात की। उसने बीते दिनों हुए घटना के संदर्भ में प्रकाश डालने का प्रयास किया, परंतु प्राचार्य ने अभिभावक से मिलने के उपरांत ही कुछ सुनने की बात कहते हुए घर चले जाने की सलाह दी। इसके उपरांत पीड़ित छात्र ने वापस कक्षा में पहुंच अपने मित्र शिवम और प्रेम को या कहते हुए बैग लेकर निकल गया कि आज हमारी आखिरी मुलाकात है। आज के बाद हम अब कभी नहीं मिलेंगे। इसकी जानकारी उन्होंने आचार्य समेत प्राचार्य को दी। इसे दोनों ने नजरअंदाज कर दिया। मध्यान्ह भोजन में दोनों छात्र, आचार्यों को बिना बताए स्कूल से अपने मित्र को खोजने निकल पड़े। दोनों ने अमित के घर पहुंच उसकी मां को घटना की जानकारी देते हुए उसके घर पहुंचने की जानकारी ली। इसपर उसकी मां ने उसके घर नहीं पहुंचने की जानकारी दी एवं खोजबीन के लिए कहा। शिवम और प्रेम दोनों अमित को खोजते हुए डुमरिया बांध की ओर चले गए। वहां उन्होंने कुछ ग्रामीणों द्वारा बांध के अंदर घुसकर किसी निकालते हुए देखा। जैसे ही वे बांध के नजदीक पहुंचे तो उन्हें अमित अचेत अवस्था में पड़ा मिला। ग्र्रामीणों द्वारा उसके सीने और पेट को दबाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया। शिवम ने मौके की नजाकत को देखते हुए घर से दौड़कर बाइक लेकर मौके पर पहुंचा एवं उसे बाइक से किसी तरह लेकर स्कूल पहुंचा। घटना की जानकारी स्कूली छात्र-छात्राओं समेत शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी दी। उसकी बेहतर इलाज हेतु स्कूल बस की मांग करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटगांव की ओर निकल गया,जहां डाक्टरों की उपस्थिति में उसका इलाज शुरू किया जा सका। इसी बीच घटना की सूचना पर परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। देर शाम परिजनों द्वारा भटगांव थाने में पहुंच लिखित में शिकायत देते हुए प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। इस पर भटगांव थाने के टीआई किशोर केंवट ने स्कूल प्रबंधन की कोई लापरवाही नहीं बताते हुए एफआईआर लेने से इंकार कर दिया। घटना के दूसरे दिवस रविवार कि सुबह मामले को तूल पकड़ता देख प्राचार्य संगम लाल पांडेय व व्यवस्थापक आरएन तिवारी ने पीड़ित छात्र के घर पहुंच उसकी हालत की जानकारी ली। इससे आक्रोशित छात्र संगठनों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल प्रबंधन प्राचार्य व पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए स्कूल गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए। घटना की जानकारी भटगांव पुलिस को भी मिली तो तत्काल भटगांव टीआई किशोर केवट अपने दल-बल के साथ पहुंचे व मामले को शांत कराने का प्रयास किया, किंतु छात्र संघ न्याय की मांग के लिए अड़ा रहा। इसके पश्चात स्कूल के व्यवस्थापक, प्राचार्य, अध्यापक समेत पीड़ित परिवारों के परिजनों के साथ पुलिस द्वारा बैठक आयोजित की गई। दोनों ही पक्षों की बातों की सुनवाई करते हुए समझौता पश्चात्‌ मामला को शांत करने का प्रयास किया गया।

मामले को दबाने का लगाया आरोप

पीड़ित छात्र के परिजनों द्वारा बताया गया कि किसी भी प्रकार की समस्या का निर्मित होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा परिजनों को जानकारी दी जाती थी, परंतु आज इतनी बड़ी घटना हो गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे साफ प्रतीत होता है कि स्कूल प्रबंधन की लापरवाही से हादसा होते-होते रह गया। अब प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई करने के बजाए दबाने का प्रयास रसूखदारों द्वारा किया जा रहा है। उधर शनिवार की देर शाम प्राचार्य द्वारा स्कूल में शिक्षकों की बैठक लेकर घटनाक्रम में किसी को मुंह नहीं खोलने की चेतावनी देने का आरोप भी परिजनों ने लगाया है।

पूर्व में भी छात्र छोड़ चुके हैं पढ़ाई

बताया गया है कि इसी स्कूल में बीते वर्ष शिक्षक से अपमानित होकर कक्षा दसवीं के छात्र आकाश गुप्ता द्वारा पढ़ाई छोड़ दी गई। आज छात्र आकाश गुप्ता के पिता ने भी प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की।

प्राचार्य से झूमाझटकी, आंदोलन की चेतावनी

रविवार सुबह पीड़ित छात्र की हालत की जानकारी लेने पहुंचे प्राचार्य को छात्रों की बदसलूकी का सामना करना पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने प्राचार्य व व्यवस्थापक के साथ जमकर झूमाझटकी की। इससे उपस्थित लोगों द्वारा हस्तक्षेप कर मामला को शांत किया जा सका। वहीं छात्रों ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की जाती है, तो आगामी दिनों में छात्र संघ आंदोलन करने पर मजबूर होगा।

पीड़ित छात्र ने कहा-कार्रवाई चाहिए

पीड़ित छात्र अमित मेहता ने बताया कि 11 सितंबर को स्कूल में पढ़ाई करने के दौरान कुर्सी में लगे काटी से उसका पेंट फट गया, जिससे उसने शर्ट बाहर निकालते हुए फटे हुए भाग को ढंक दिया था। इसे ही प्राचार्य ने अनुशासनहीनता करने की बात कहते अपमानित किया एवं स्कूल से निकाल दिया। छात्र ने कहा कि शनिवार को पूर्ण गणवेश में आने के बाद भी आचार्य द्वारा अपमानित किया गया। छात्र ने कहा कि वह प्राचार्य के विरुद्ध कार्रवाई चाहता है।