रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में अब प्रवेश के नियम बदल दिए गए हैं। प्रवेश परीक्षा के बजाय मेरिट सूची के आधार पर एडमिशन दिया जाएगा। इस बदलाव के लिए अध्यादेश के साथ छेड़छाड़ की गई है। चंद कार्यपरिषद के सदस्यों ने आचार संहिता के बीच सालों से चल रही परंपरा को तोड़ दिया। मामले में विवि प्रबंधन का तर्क है कि विभिन्न कोर्सों में छात्रों की कम संख्या के कारण यह निर्णय लिया गया।

अध्यादेश में नियम

विवि के अध्यादेश के अनुसार विवि में संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का प्रावधान है। नियमों में छेड़छाड़ का अधिकार कार्यपरिषद के पास नहीं है। अध्यादेश के अनुसार ही विवि का संचालन होना है।

यूजीसी की गाइड लाइन

यूजीसी की गाइड लाइन के मुताबिक प्रत्येक विश्वविद्यालय को प्रवेश परीक्षा के आधार पर ही छात्रों को प्रवेश देना है। यूजीसी ने आदेश में उल्लेखित किया है कि मेरिट सूची के कारण कम अंक वाले छात्र प्रवेश से वंचित हो जाते हैं।

घटेगा विवि का राजस्व

प्रवेश परीक्षा के लिए छात्रों से ढाई सौ रुपए शुल्क लिया जाता है। इस वर्ष मेरिट के आधार पर प्रवेश होने से विवि का राजस्व घटेगा।

विद्यापरिषद से नहीं हुआ पास

विवि में एकेडमिक बदलाव के लिए विद्यापरिषद की बैठक ली जाती है। विद्यापरिषद में पास होने के बाद कार्यपरिषद उक्त नियम पर मुहर लगाती है। सूत्रों का कहना है कि मेरिट के आधार पर प्रवेश देने के निर्णय को विद्यापरिषद के समक्ष नहीं रखा गया।

वर्जन

फिलहाल अध्ययनशालाओं में कम छात्रों के कारण मेरिट के आधार पर प्रवेश देने का निर्णय लिया गया है। कोई आपत्ति या शिकायत होती है तो इस पर बदलाव किया जाएगा। -डॉ. आनंद शंकर बहादुर

कुलसचिव, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर