सुकमा। सीआरपीएफ के जवानों पर हमला करने के लिए किस्टाराम व पलौदी के बीच नक्सलियों ने मार्ग के दोनों ओर एम्बुश लगा रखा था। उनकी तादाद 100 से अधिक थी। नक्सलियों ने सीआरपीएफ जैसा यूनिफार्म पहन रखा था। इस वजह से जवान उन्हें पहचान नहीं पाए।

नजदीक पहुंचने पर जवानों ने काली वर्दी पहने कुछ नक्सलियों को देखा। इससे पहले कि वे सतर्क हो पाते नक्सलियों ने ब्लास्ट कर दिया। इससे एमपीव्ही कई फीट ऊंचाई तक उछल गई। घायल जवानों ने नक्सलियों पर यूबीजीएल भी दागे। इनमें से तीन यूबीजीएल नहीं फटे। धमाका इतना तेज था कि तीन किमी दूर किस्टाराम सीआरपीएफ कैम्प व थाने तक इसकी आवाज सुनाई दी।

सपोर्टिंग पार्टी ने किया पीछा

घटना के बाद किस्टाराम से निकली सपोर्टिंग पार्टी ने घटना स्थल पहुंच कर कुछ दूर तक नक्सलियों का पीछा किया लेकिन वे भाग खड़े हुए। इस हमले में सीआरपीएफ ने एक नक्सली कमांडर के मारे जाने व पांच के घायल होने का दावा किया है। सर्चिंग पर निकली पार्टी समाचार लिखे जाने तक पलौदी कैम्प में मौजूद थी।