सुकमा। नईदुनिया न्यूज

शनिवार को आठ-आठ लाख के दो इनामी सहित तीन नक्सलियों ने एसपी अभिषेक मीणा के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इसमें मुचाकी सुनीता बटालियन क्रमांक एक की सदस्य है वहीं दिरदो जोगा प्लाटून क्रमांक आठ का कमांडर है। एक जनमिलिशिया सदस्य ने भी समर्पण किया है जो नक्सलियों के लिए सामान सप्लाई का कार्य करता था। सुनीता कोंटा ब्लॉक के बालेतोंग की रहने वाली है और छह साल पहले नक्सली संगठन से जुड़ी थी। तीन साल तक अलग-अलग पदों पर काम करने के बाद करीब तीन साल पहले उसकी तैनाती बटालियन क्रमांक एक में हुई जिसमें वह इंसास राइफल लेकर चलती थी। वह कई बड़ी घटनाओं में शामिल रही है। 11 मार्च 2017 को सड़क निर्माण की सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ व जिला बल को बंकूपारा जाने वाले मार्ग के पास एंबुश लगाकर आईईडी विस्फ़ोट करके उन पर फायरिंग की गई थी जिसमें सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद व दो घायल हो गए थे। 24 अप्रैल 2017 को चिंतागुफा व बुर्कापाल के बीच एंबुश लगाकर जवानों पर फायरिंग की घटना में भी वह शामिल थी जिसमें सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद व सात जवान घायल हो गए थे। कोंटा ब्लॉक के कन्हाईपाड़ निवासी दिरदो जोगा किस्टाराम एरिया कमेटी अंतर्गत प्लाटून क्रमांक आठ का कमांडर है। वह भी इंसास लेकर चलता था। प्लाटून कमांडर बनने से पहले जोगा जगरगुंडा के एलओएस व कोंटा के एलजीएस कमांडर के रूप में भी कार्य कर चुका है। संगठन में जोगा के कार्य को देखते हुए उसे नक्सली उधम सिंह की जगह प्लाटून का कमांडर बनाया गया। जोगा इलाके में हुए कई बड़ी घटनाओं में शामिल रहा जिसमें 13 मार्च 2018 को किस्टाराम से कासाराम जा रहे सीआरपीएफ के एएलएम वाहन को आईईडी ब्लास्ट करके उड़ाने की घटना प्रमुख है जिसमें 9 जवान शहीद व दो घायल हो गए थे। वह बंकूपारा और बुर्कापाल घटना में भी शामिल रहा है। वहीं हेमला गंगा मिलिशिया सदस्य था और चिंतलनार से नक्सलियों के लिए सामान सप्लाई का कार्य करता था।

संगठन हो रहा कमजोर

मुचाकी सुनीता ने बताया कि बटालियन में महिलाओं का कोई वजूद नहीं है। सभी बड़े पद पुरुष नक्सली को ही मिलते हैं। फ़ोर्स द्वारा लगातार चलाए जा रहे आपरेशन से नक्सली संगठन काफी दबाव में है। कई बड़े नक्सली मुठभेड़ में मारे गए हैं तो कई संगठन छोड़ गांव चले गए हैं। फ़ोर्स की गश्त के चलते रोजाना कई किमी तक चलना पड़ रहा है। दिरदो जोगा ने बताया कि ग्रामीण भी अब नक्सलियों का साथ नहीं दे रहे हैं। फोर्स के आपरेशन से कई नक्सली आंध्र व तेलंगाना भाग गए हैं जिससे संगठन बेहद कमजोर हुआ है।

पुलिस कराएगी इलाज

एसपी ने बताया कि हेमला गंगा को नक्सली लीडर पापाराव व संतोष ने बुरी तरीके से आधे घंटे तक पीटा। इसके चलते वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। उसका एक हाथ पूरी तरह से सुन्न पड़ गया है। उसके कमर में भी गहरे जख्म हैं। आपरेशन के लिए बुर्कापाल से टीम निकली थी जो नगरम गांव की सर्चिंग कर रही थी। इसी दौरान हेमला उनके पास आया और अपने साथ ले जाने को कहा। इस दौरान वह काफी डरा हुआ था और कह रहा था कि अगर उसे साथ नहीं ले गए तो नक्सली मार देंगे। हेमला चलने को स्थिति में नहीं था जिसे जवानों ने सहारा देकर साथ लेकर आए। उसका इलाज अब पुलिस द्वारा कराया जाएगा।