बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

मरवाही सीट से भाजपा प्रत्याशी अर्चना पोर्ते का प्रचार कर रही आठ महिला कार्यकर्ताओं को चुनाव पर्यवेक्षकों ने बंधक बना लिया। महिलाओं का आरोप है कि गाड़ी का परमिट और बैनर-झंडे का बिल दिखाने के नाम पर उन्हें चार घंटे तक जबरदस्ती बैठाए रखा गया। मामले को लेकर गौरेला थाना में शिकायत की गई है। इसमें पर्यवेक्षकों पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के लिए काम करने का भी आरोप लगाया है।

मरवाही की भाजपा प्रत्याशी अर्चना पोर्ते के पक्ष में शनिवार को महिला कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर प्रचार कर रही थीं। शाम करीब सवा चार बजे महिलाएं मारुति कार नंबर एमपी फोर सीएफ 3430 से ग्राम खैरझिटी पहुंचीं। वहां चुनाव पर्यवेक्षक कमल काकिया, वाचस त्रिपाठी और गौरेला थाना के प्रधान आरक्षक नरेश गर्ग भी पहुंच गए। उन्होंने महिलाओं को रोककर गाड़ी का परमिट दिखाने के लिए कहा। साथ ही गाड़ी में लगे बैनर व झंडे का बिल मांगा। महिलाओं ने बताया कि बिल भाजपा कार्यालय में है। इस पर पर्यवेक्षकों ने उन्हें जबरदस्ती रोक लिया। बार-बार निवेदन करने पर भी उन्हें नहीं छोड़ा गया। रात आठ बजे अर्जना पोर्ते के पति शंकर कंवर बैनर-झंडे का बिल लेकर खैरझिटी पहुंचे। इसे देखकर कबीर चार घंटे बाद महिलाओं को छोड़ा गया। इसके बाद जबरदस्ती रोके जाने से नाराज महिलाएं गौरेला पुलिस थाने पहुंचीं और पर्यवेक्षक कमल काकिया, वाचस त्रिपाठी और प्रधान आरक्षक नरेश गर्ग के खिलाफ बंधक बनाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।