0 एसईसीएल के आवासों में लंबे समय में हैं निवासरत

0 कई को जिला प्रशासन ने आबंटित कर दिया है आवास

0 नोटिस मिलने से खलबली, किराया नहीं दिया तो कार्रवाई

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बिश्रामपुर । नईदुनिया न्यूज

एसईसीएल बिश्रामपुर की आवासीय कालोनियों में लंबे समय से बिना किराए के वैध एवं अवैध तरीके से रह रहे पुलिस एवं शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों से किराया राशि वसूलने एसईसीएल प्रबंधन द्वारा नोटिस थमा दिया गया है। किराया जमा करने नोटिस मिलने से शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों में खलबली मच गई है। किराए की राशि 50 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है। कुछ को तीन लाख रुपए तक किराया जमा करने का नोटिस मिला है।

जानकारी के अनुसार एसईसीएल के आवासों में जिला प्रशासन के आवास आबंटन आदेश से रह रहे एक सौ से अधिक शासकीय सेवकों को आवास आबंटन तिथि से आवास किराए की राशि जमा करने के साथ ही अवैध रूप से रह रहे करीब चार दर्जन शासकीय सेवकों को पैनल रेंट के साथ किराया राशि जमा करने का नोटिस जारी किया गया है। गौरतलब है कि एसईसीएल के बिश्रामपुर एवं कुम्दा कालोनी स्थित आवासीय कलोनियों में सैकड़ों लोगों ने कंपनी के आवासों में कब्जा कर रखा है, जिसमें शासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल है। इनमें से 100 से अधिक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के नाम से जिला प्रशासन द्वारा एसईसीएल के आवासों को आबंटित भी किया गया है। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा अपने कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आबंटित आवासों को भी जिला प्रशासन द्वारा आबंटित कर दिए जाने से विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के कारण क्षेत्रीय महाप्रबंधक ने विगत दिनों कलेक्टर सूरजपुर को पत्र लिखकर कंपनी के आवासों को आबंटित न करने का आग्रह भी किया था। ज्ञात हो कि कंपनी के आवासों एवं उसके स्वामित्व की भूमि में व्यापक पैमाने पर किए गए अतिक्रमण को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका मे फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट द्वारा अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध बेदखली की कार्रवाई करने के दिए गए निर्देश के परिपालन में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा विगत डेढ़ वर्ष में डेढ़ सौ से अधिक कंपनी के आवासों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उसके बावजूद अभी भी काफी संख्या में पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा अनाधिकृत लोग एसईसीएल के आवासों में अवैध रूप से रह रहे हैं।

जिला प्रशासन द्वारा आबंटित एसईसीएल के आवासों में रह रहे शासकीय कर्मचारी एवं अधिकारियों से आवासों का किराया वसूलने एसईसीएल प्रबंधन द्वारा किराया राशि निर्धारित कर किराया राशि वसूलने उन्हें नोटिस जारी कर दी गई है। नोटिस में किराया राशि की अदायगी नहीं करने पर आवास आबंटन आदेश निरस्त करने के साथ ही नियमानुसार कार्रवाई करने का भी उल्लेख किया गया है।

इन्हें मिला नोटिस

जिला प्रशासन द्वारा आबंटित कंपनी के आवासों में रह रहे जिपं अध्यक्ष अशोक जगते सहित अपर कलेक्टर एसएन राम, डिप्टी कलेक्टर ज्योति सिंह, सहकारिता निरीक्षक नीलांबर प्रसाद वर्मन, जिला खनिज अधिकारी त्रिवेणी देवांगन, उप पुलिस अधीक्षक निमिषा पांडे, उप पंजीयक एन.कुजूर, जिला अभियोजन अधिकारी प्रेमचंद शुक्ला, नपं बिश्रामपुर के निरीक्षक सुनील सिन्हा, स्वच्छता निरीक्षक प्रवीण उपाध्याय, स्वच्छ भारत मिशन के समन्वयक देवेंद्र उपाध्याय, प्राचार्य एसपी दुबे, प्राचार्य रतिपाल मिश्रा, डा.प्रशांत कुमार, प्रधान आरक्षक अरुण गुप्ता ,वरुण तिवारी, व्याख्याता गीता ठाकुर, लिपिक त्रिपुरारी सिंह, आंबां कार्यकर्ता संध्या शर्मा, शिक्षाकर्मी कनकलता राय, व्याख्याता सुजाता चौधरी, शिक्षाकर्मी दिनेश पांडे, आरक्षक सुरेश तिवारी, लेखापाल उमेश कुमार गुप्ता, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी जितेंद्र कुमार झा, शिक्षक गोपाल प्रसाद श्रीवास, आरक्षक नवीन सिंह, कोषालय अधिकारी गजानंद पटेल, तकनीकी सहायक आकाश कुमार, प्रधान पाठक अशोक तिवारी, सुभाष कुमार केंवट, व्याख्याता मिनी प्रसन्ना सहित एक सौ से अधिक पुलिस एवं जिला प्रशासन के कर्मचारियों एवं अधिकारियों को आवास आवंटन तिथि से माह जनवरी 2018 तक का आवास किराया जमा करने का नोटिस एसईसीएल प्रबंधन द्वारा जारी किया गया है। इनमें कई शासकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों का आवास किराया एक लाख से तीन लाख रुपए तक बना है। आवास किराया जमा करने का नोटिस मिलने से उनमें खलबली मच गई है।

पैनल रेंट के साथ नोटिस

एसईसीएल प्रबंधन द्वारा कंपनी के आवासों में अवैध रूप से रहे पुलिस अधिकारियों सहित आधा दर्जन से अधिक निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों, आरक्षकों एवं करीब चार दर्जन शासकीय कर्मचारियों को पैनल रेंट के साथ आवास किराया अदा करने का नोटिस भेजा गया है।

जिला प्रशासन द्वारा जारी आवास आबंटन के तहत कंपनी के आवासों में रह रहे पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आवास आबंटन तिथि से आवास किराया की राशि वसूलने उन्हें नोटिस जारी कर दी गई है। इसी क्रम में अवैध रूप से रह रहे शासकीय सेवकों से पैनल रेंट के साथ किराया राशि वसूलने उन्हें भी नोटिस जारी की गई है।

जीएस राव

क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक

बिश्रामपुर क्षेत्र