0- शौचालय निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार

छोटेकापसी। नईदुनिया न्यूज

यूु तो पूरा कोयलीबेड़ा ब्लॉक ही खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया। वहीं इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम पंचायत इरकबुट्टा के आश्रित ग्राम घोटिनबेड़ा और बगनभोडिया का है। जहां शौचालय निर्माण के नाम पर भारी अनियमतितता की गई है। शौचालय का केवल दीवार तैयार कर छोड़ दिया गया और शौचालय में ना दरवाजा लगाया गया है और न छत। शौचालय निर्माण करने की जो सामग्री लगनी चाहिए। वहां कुछ भी नहीं है शौचालय के गड्ढे भी खोदे गए हैं लेकिन उन गड्ढों का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। गांव के महिलाओं की माने तो सचिव सरपंच ने शौचालय बनाने का जिम्मा लिया था और उसे अधर में लटका कर छोड़ दिया। इससे महिलाएं शौच के लिए जंगल जाने को मजबूर हैं।

साड़ी का बनाया दीवार

वे अपनी सम्मान बचाने के लिए स्वयं की पुरानी साड़ी को नहाने हेतु कमरा बनाकर उपयोग कर रही हैं उन्होंने कहा कि सचिव, सरपंच की लापरवाही की खामियाजा हम लोग भुगत रहे हैं। एक वर्ष से भी अधिक समय हो चुके हैं लेकिन शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण करने के लिए जब भी कहा जाता है तो शासन से शौचालय की राशि नहीं आने की बात कहकर गुमराह किया जा रहा है।

सरपंच व सचिव का खौफ

गा?व के ग्रामीण बाल सिंह नरेटी, रामवती यादव, सोमा मंडावी, मुरी बाई मंडावी, सामवती मंडावी, फुलिबत कोमरे, बलसिंह, अर्जुन ताराम ने बताया कि सरकार हमारे लिये बहुत कुछ कर रही है। पर ऐसे सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव जब तक रहेंगे तब तक हम लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए तरसना पड़ेगा।

कुछ ग्रामीणों ने नाम ना बताने की शर्त पर कहा कि सरपंच या सचिव के खिलाफ कुछ भी बोलने से धमकी दी जाती है। गा?व में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ सही तरीके नहीं मिला और आज भी कच्चे मिट्टी के घरों में रहते है। सरकारी अधिकारी ने भी बिना शौचालय निर्माण के ओडीएफ घोषित कर दिया यह समझ से परे है।

ओडीएफ करवने का दबाव था

ग्राम पंचायत इरकबुट्टा सरपंच, सचिव ने कहा कि अधिकारियों का उस समय बहुत ही दबाव था कि जल्द ही ओडीएफ घोषित करवाना है तो हम क्या करते।

जानकारी नहीं- सिकदर

इस संबंध में ब्लॉक कोयलीबेड़ा स्वच्छ भारत मिशन प्रभारी मृणाल सिकदर ने बताया कि हमें ग्राम पंचायत सचिव के द्वारा शौचालय पूर्ण होने की रिपोर्ट दी थी उसी आधार पर हमने ओडीएफ का दर्जा दिया था, बाकी मुझे और ज्यादा जानकारी नहीं है।

शेष शौचालय दस दिनों में पूरा करना है- मोहन

इस संबंध में ग्राम पंचायत इरकबुट्टा सरपंच मोहन गावड़े के बताया कि शेष शौचालयों को दस दिन के अंदर बनाना है, अधिकारी ने आदेश दिया है।

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