Naidunia
    Monday, December 18, 2017
    PreviousNext

    मधुमक्खी से मिला मोबाइल की खराबी दूर करने का उपाय

    Published: Fri, 08 Dec 2017 03:54 AM (IST) | Updated: Fri, 08 Dec 2017 11:43 AM (IST)
    By: Editorial Team
    mobile repairing 2017128 114156 08 12 2017

    रायपुर। कई बार मोबाइल पर बात करते समय और डिवाइस में कुछ सुनते समय आवाज में कई प्रकार की समस्याएं आ जाती हैं। इस कारण हम आवाज को सही और साफ नहीं सुन पाते। इसका प्रमुख कारण प्रोसेसर में आने वाली गड़बड़ी होती है।

    डिवाइसों में आने वाली इस प्रकार की समस्या का समाधान निकाल लिया गया है और ये सॉल्यूशन कहीं और से नहीं, बल्कि एक मधुमक्खी से मिला है। एनआईटी के पीएचडी स्कॉलर और बीआईटी दुर्ग के असि. प्रोफसर डॉ. अतुल कुमार द्विवेदी ने अपने शोध में इस समस्या का समाधान निकाल लिया है।

    उन्होंने ऐसे बहुउद्उेशीय डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक फिल्टर का निर्माण किया है, जो विद्युत संकेतों को अधिक उपयोगी बनाने के लिए उन्हें अनेक प्रकार से परिवर्तित और संस्कारित करता है। इस प्रक्रिया में डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक फिल्टरों का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।

    ये विद्युत संकेतों में से अवांछित आवृत्ति वाले अवयवों को कम करते हैं। ये खास तौर पर डिवाइस के आंतरिक सुधार के लिए उपयोग किए जा सकते हैं। इससे साउंड में आने वाली समस्या दूर हो जाती है।

    प्रो.अतुल ने बताया कि मधुमक्खी की सूचना संवहन प्रणाली के उपयोग से पहली बार इस प्रकार के बहुउद्देशीय फिल्टर का निर्माण किया गया है। इसे एफपीजीए पर चला कर परखा गया है। उन्होंने यह खोज एनआईटी रायपुर के प्रो. सुभोजित घोष व नरेंद्र लोंधे के मार्गदर्शन में की है।

    मधुमक्खी की संवहन प्रणाली का करता है उपयोग

    यह फिल्टर मधुमक्खियों में पाई जाने वाली सूचना संवहन प्रणाली का उपयोग करता है। मधुमक्खियों में सूचना तंत्र बहुत ही सुदढ़ होता है। जिस प्रकार मधुमक्खी में से कुछ शहद का पता लगाती हैं और कुछ उसके आधार पर जगह का चुनाव करती हैं, वैसे ही यह प्रोसेसर चलता रहता है।

    वैसे ही यह डिवाइस भी एक क्रम के अनुसार अपना काम करता है। इसमें मधुमक्खी के वृद्धि का उपयोग करने का प्रयास किया गया है। इसके कारण इसमें होने वाला गुणांक मधुमक्खी के हिसाब से होता है।

    कम लगता है पावर

    यह फिल्टर प्रोसेसर के अंदर काम करता है। इससे प्रोसेसर को पावर कम लगता है, क्योंकि इसमें पावर कम करने के लिए सील प्रोग्रामेमल जेड आर का उपयोग किया गया है, जो कि डिवाइस में होने वाले डाटा स्विचिंग को कम कर देता है, जिससे पावर की आवश्यकता कम हो जाती है।

    इसके साथ ही इसकी गति में वृद्धि होती है, जो पहले के बने के डिवाइस से 50-60 नैनों सेकंड का अंतर है। वहीं यह भी देखा जाता है कि अलग-अलग डिवाइस के लिए अलग-अलग फिल्टरों का उपयोग किया जाता है, पर इसे किसी भी डिवाइस में लगाया जा सकता है। यह बहुउद्देशीय फिल्टर आवश्यकता के अनुसार अपने को परिवर्तित कर लेता है। इसे ऐसे सभी डिवाइसों में प्रयोग किया जा सकता है, जिसमें प्रोसेसर लगा हो।

    प्रतिक्रिया दें
    English Hindi Characters remaining


    या निम्न जानकारी पूर्ण करें
    नाम*
    ईमेल*
    Word Verification:*
    Please answer this simple math question.
    +=

      जरूर पढ़ें