0 तीन दशक से प्रसव कराने में अहम भूमिका निभा रही दाई

फोटो-8-तीन दशक से सेवा दे रही दाई

रामानुजगंज । नईदुनिया न्यूज

बलरामपुर जिले के रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक प्रशिक्षित दाई के साथ ऐसा संयोग जुड़ा हुआ है, जो तीन दशक पूर्व जिन बच्चों के प्रसव के दौरान चिकित्सक और नर्सों के साथ मौजूद थीं, वही बच्चे आज इसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक और एएनएम के पद पर पदस्थ हैं। एक एमडी, एक एमबीबीएस व तीन एएनएम इस अस्पताल में ऐसे हैं, जिनके जन्म की साक्षी महिला स्वास्थ्य कर्मचारी थी। आज भी वह पूरे मनोयोग से अस्पताल में अपने दायित्वों का निर्वहन करती है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज में चार दशक से चतुर्थ वर्ग कर्मचारी के रूप में बरती बाई अपनी सेवा दे रही है। यहां पदस्थापना के पश्चात्‌ स्टॉफ की कमी को देखते हुए तत्कालीन चिकित्सक डा. एसएस सिंह ने बरती बाई को तीन महीने का प्रशिक्षण दिलवाया था। दाई के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद से वह अस्पताल में चिकित्सक व नर्सों के साथ मिल प्रसव कराने के कार्य में भी लग गई थी। अभी तक उन्होंने हजारों प्रसव सफलतापूर्वक कराया है। बरती बाई करीब तीन दशक पूर्व जिन बच्चों के प्रसव में शामिल थी, उनमें से पांच रामानुजगंज स्वास्थ्य केंद्र में ही पदस्थ हैं। इसमें एमबीबीएस एमडी डा. शरद चंद गुप्ता, एमबीबीएस डा. शरद गुप्ता, एएनएम राखी कुशवाहा, दीपा पाण्डेय, प्रिती शामिल हैं। बरती बाई ने बताया कि वे तीन बच्चों के प्रसव की साक्षी रही। वे बच्चे अब बड़े होकर उनके अधिकारी के रूप में यहां पदस्थ हैं, लेकिन उन अधिकारियों से भी उन्हें भरपूर प्यार व सम्मान मिलता है।

रामानुजगंज के लिए जाना-पहचाना नाम

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामानुजगंज में पदस्थ बरती बाई रामानुजगंज के लिए जाना पहचाना नाम है। लगभग सभी घरों की खुशियों के मौके पर वह शामिल रही हैं। आज भी वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पूरी इमानदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन कर रही है। रामानुजगंज के लोग बरती बाई की काबिलियत पर इतना यकीन करते हैं कि किसी परिवार में महिला के गर्भवती होने पर उसकी सलाह जरूर ली जाती है। बरती बाई, नाती-पोतों वाली हैं। घर में एक दर्जन से अधिक डिलेवरी हुई, लेकिन घर के लोगों को डिलेवरी के लिए कभी अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ी।