बिलासपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

झांसा देकर सोने की 2 नकली बिस्किट देकर 7.50 लाख रुपए ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को तखतपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तीसरा आरोपी कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया।

लिंक रोड रतन होटल के पीछे रहने वाले मोहम्मद नौसाद पिता मो.सब्बीर (29) एडलवाइज टोकियो कंपनी में मैनेजर के पद में कार्यरत है। उसी कंपनी की कोटा शाखा में मैनेजर संतोष धृतलहरे व कर्मचारी जितेंद्र रात्रे ने उसे बताया कि तखतपुर थाना क्षेत्र के विचारपुर निवासी छोटेलाल कौशले पैतृक सोना पारिवारिक परेशानी की वजह से बेचना चाहता है। पैसे की आवश्यकता होने के कारण वह बहुत सस्ते में सोना बेच रहा है। नौसाद लालच में आकर संतोष व जितेन्द्र के साथ विचारपुर गया और सोने का 10 लाख में सौदा तय हुआ। 12 मार्च को खम्हरिया मार्ग में छोटेलाल ने सोने की दो बिस्किट देकर 7.50 लाख रुपए ले लिए। शेष रकम जांच के बाद देने की बात कही। नौसाद ने अपने परिचित सुनार से बिस्किट की जांच कराई। तब उसे ठगी के शिकार होने की जानकारी हुई। 13 मार्च को नौसाद अपने साथियों के साथ छोटेलाल के घर गया और रकम वापस मांगी। इस पर वह रकम देने से आनाकानी करने लगा। दबाव बनाने पर उसने 3.80 लाख दिया और शेष रकम देने से इनकार कर दिया। मोहम्मद नौसाद ने तखतपुर थाने में ठगी की शिकायत की। पुलिस ने छोटेलाल कौशले उर्फ मुन्ना पिता फिरतूलाल निवासी विचारपुर और पोसागीलाल उर्फ संतोष पिता स्व. मनीराम निवासी लालसेकापा चौकी चिल्फी जिला मुंगेली को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1 लाख 10 हजार नगद, चांदी के जेवर, धातु गलाने का पात्र, सोने जैसा दिखने वाले 5 बिस्किट जब्त किया। आरोपियों को धारा 420, 34 के तहत गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी फरार हो गया है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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कमीशन में खपाते थे नकली बिस्किट

पूछताछ में आरोपियों ने गिरोह के तीसरे साथी का नाम बताया। वे कोरबा जिला के पसान थाना क्षेत्र के सीपतपारा पिपरिया निवासी पन्नालाल पिता राजकिशोर के पास से नकली सोना लेकर आते थे। जिसे कमीशन में खपाया जाता था। कार्रवाई की भनक लगते हुए पन्नालाल फरार हो गया है। जांच में आरोपियों से कुछ ओर जानकारी मिलने की संभावना है।

ठगी की रकम से खरीदे गहने

आरोपी ठगी से प्राप्त रकम को जल्दी से जल्दी खपाने के फिराक में रहते थे। आरोपी छोटेलाल ने ठगी की रकम में से 50 हजार रुपए मेंसोने चांदी के जेवर खरीदे। इसके अलावा विभिन्न बैंकों में रकम जमा करा दी। पुलिस ने बैंक में जमा कराई गई रकम की रसीद भी जब्त की है।