कांकेर। नईदुनिया नयूज

लोकसभा निर्वाचन के लिए मतदान सम्पन्न कराने हेतु मतदान दलों का गठन किया गया था, जिन्हे उनके मतदान केन्द्रों का रवाना होने के पूर्व मतदान सामग्री वितरण स्थल भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में 17 अप्रैल को निर्वाचन सामग्री का वितरण किया जाना था, उक्त दिवस को अनुपस्थित दो कर्मचारी सहायक शिक्षक (एलबी) खेमराज धनेलिया और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवव्रत को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी केएल चौहान द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

जिले में लोकसभा निर्वाचन को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए मतदान दल गठित किए गए थे, जिसमें खेमराज धनेलिया, सहायक शिक्षक (एलबी) बालक आश्रम पोड़ागांव, विकासखण्ड अंतागढ़ की ड्यूटी मतदान अधिकारी क्रमांक दो के रूप में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 81 कांकेर के अंतर्गत मतदान केन्द्र क्रमांक 159 में लगाई गई थी। धनेलिया सामग्री वितरण दिवस 17 अप्रैल को निर्वाचन सामग्री वितरण केन्द्र शासकीय भानुप्रतापदेव स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में अनुपस्थित पाये गये, जिस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनके द्वारा अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चौहान द्वारा सहायक शिक्षक (एलबी) खेमराज धनेलिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि में उसका मुख्यालय खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोयलीबेड़ा निर्धारित किया गया है।

कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के पखांजूर में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी देवव्रत को भी सामग्री वितरण के दिन अनुपस्थित पाये जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। नोटिस तामिली में भी वे अनुपस्थित पाये गये, जिसे घोर लापरवाही मानते हुए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी चौहान ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौरतलब है कि ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री देवव्रत की ड्यूटी मतदान अधिकारी क्रमांक एक के रूप में विधानसभा क्रमांक 81 कांकेर अंतर्गत मतदान केन्द्र क्रमांक 37 में लगाई गई थी, लेकिन वे सामग्री वितरण दिवस 17 अप्रैल को वितरण केन्द्र भानुप्रतापदेव शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कांकेर में अनुपस्थित पाये गये। जिस पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कोयलीबेड़ा के माध्यम से तामिली कराये जाने पर भी देवव्रत अनुपस्थित पाये गये। निर्वाचन जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपने कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही बरतने के कारण कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी केएल चौहान द्वारा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी पखांजूर देवव्रत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि में उसका मुख्यालय कार्यालय उप संचालक, कृषि, जिला कांकेर निर्धारित किया गया है।

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