आरागही/रामानुजगंज । रामानुजगंज के सबसे पुराने बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय स्कूल की हालत दयनीय है। कई विषयों के व्याख्याता पद खाली हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्ष 1952 में स्थापित बालक उमावि दशकों तक ब्लाक में शिक्षा का सबसे मुख्य केंद्र रहा है। यहां व्याख्याता के स्वीकृत 16 में से नौ पद वर्षों से खाली हैं। इससे विद्यालय की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्कूल में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक मात्र 325 छात्र अध्यनरत हैं। स्कूल के प्राचार्य एपी सिंह ने कहा कि व्यवसायिक, अंग्रेजी, भौतिकशास्त्र, जीवविज्ञान के व्याख्याता पद खाली हैं, जो अन्य विषयों के व्याख्याता से काम चला रहे है। भृत्य के दो, ग्रंथपाल के एक पद भी खाली हैं। स्कूल भवन भी जर्जर हो चुके हैं। बारिश के मौसम में पानी टपकता हैं। कई कमरों के खिड़की और दरवाजा टूट चुका है, परंतु इस विद्यालय का सुध लेने वाला कोई नहीं है।