रायगढ़। भूपदेवपुर थाना क्षेत्र जिले के सुप्रसिद्ध पिकनिक स्पॉट में उस समय अफरातफरी मच गई जब मधुमक्खियों ने स्कूली बच्चों पर अचानक हमला कर दिया।

स्‍कूली बच्‍चे पिकनिक स्‍पॉट पर वनभोज का आनंद लेने गए थे। मधुमक्खियों के हमले से एकबारगी तो स्कूली बच्चे घिर गए थे लेकिन साथ गए शिक्षकों ने मच्छरदानी की मदद से बच्‍चों को अाननफानन में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक थाना घरघोड़ा के भेंगारी मिडिल स्कूल के टीचर स्टाफ सहित 56 बच्चों के साथ रामझरनारा पिकनिक मनाने गए हुए थे। बताया जाता है कि स्कूल का स्टाफ जिस स्थान पर खाना बना रहा था वहां से चंद कदमों की दूरी पर मधुमक्खी का दो से तीन छत्ता था। खाना बनाते समय चूल्हे के धुएं से मधुमक्खी विचलित हो गई। वही छत्ते से झुंड में मधुमक्खियों ने निकलते हुए बच्चों और स्कूली स्टाफ पर हमला कर दिया।

इस दौरान भूपदेवपुर थाना प्रभारी चमन सिंह अपने स्टाफ के साथ समय देहात भ्रमण में थे। वे भी पेट्रोलिंग के दौरान रामझरना आ पहुंचे । इस बीच मधुमक्खी के हमले से अफरा तफरीदेख तत्काल पुलिस बल को सूचित करते हुए मच्छरदानी की व्यवस्था की गई। इसके बाद बच्चों को मच्छरदानी से कवर करते हुए सुरक्षित बस तक लेकर गए।

इस हमले से प्रायमरी स्कूल के हेड मास्टर को मधुमखियों ने बुरी तरह से काट दिया। थाना स्टाफ तत्काल एम्बुलेंस मंगवाकर अस्पताल ले गया। जहा आरंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने छुट्टी दे दी।इस घटना में थाना चंद कदम दूर होने से बड़ी घटना टल गई।

पूर्व में भी हो चुकी है घटना

वन विभाग के कर्मचारियों के अनुसार जंगल व इको पार्क होने के कारण यहां मधुमक्खी के कई स्थानों में बड़े बड़े छत्ते हैं। यहां यह बताना लाजमी होगा कि 4 साल पूर्व सारंगढ से आये ग्रामीण पर भी इस तरह का हमला हो चुका है। वही दुसरी तरफ रामझरना में बंदरों के आतंक भी लोगो के लिए भय का वातावरण बना हुआ है।

इनका कहना है

पेट्रोलिंग में रामझरना गए हुए थे जहा स्कूली बच्चें पिकनिक मनाने आये हुए थे। जिन पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया था। जिन्हें मच्छरदानी की मदद से सुरक्षित निकाला गया।

चमन सिन्हा, टीआई भुपदेवपुर