0 राज्य योग आयोग के अध्यक्ष ने दी जानकारी

0 कहा- हर पंचायत में जून महीने से सुबह व शाम योग शिविर

0 गांवों में योग वाटिका व नगरीय निकायों में योग उद्यान

अंबिकापुर । नईदुनिया प्रतिनिधि

छत्तीसगढ़ राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा है कि आयोग द्वारा पर्यटन विभाग के सहयोग से छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में योग व नेचुरोपैथी का बड़ा केंद्र आरंभ किया जा रहा है। नेचुरोपैथी सेंटर में देश के विशेषज्ञ प्राकृतिक चिकित्सकों द्वारा न्यूनतम शुल्क पर जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल से देश की प्राचीन इलाज पद्घति को पुनर्स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

अंबिकापुर में आयोजित योग सत्संग में शामिल होने पहुंचे राज्य योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश में योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कार्ययोजना बनाकर उसे अमल में लाया जा रहा है। भारत का पहला योग आयोग बनाने का श्रेय छत्तीसगढ़ सरकार को है। योग आयोग के गठन के बाद प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों के लिए कुल 972 मुख्य योग प्रशिक्षक तैयार कर लिए गए हैं। इन योग प्रशिक्षकों के माध्यम से हर पंचायत से चार-चार लोगों को सहयोगी शिक्षक के रूप में तैयार करने पांच दिन का गैर आवासीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रदेश के लगभग 11 हजार ग्राम पंचायतों में से 72 प्रतिशत पंचायतों में योग का प्रशिक्षण देने सहयोगी शिक्षक तैयार कर लिए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां योग की शिक्षा दी जाएगी, उसे योग वाटिका का नाम दिया जा रहा है। आगामी 21 जून से संबंधित ग्राम पंचायतों में नियमित रूप से सुबह व शाम योग शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश के नगरीय निकायों में भी योग प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने 5800 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं। नगरीय निकायों के जिन पार्कों, उद्यानों में योग की शिक्षा दी जाएगी, उसे योग उद्यान के नाम से जाना जाएगा। वहां तक पहुंचने के लिए जाने वाले किसी भी एक मार्ग का नाम योग मार्ग दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि योग आयोग स्वस्थ्य, व्यसन मुक्त, स्वच्छ व शांति प्रिय छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसमें हर व्यक्ति को योग के माध्यम से निरोगी व खुशहाल रखने का भी प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा में भी छत्तीसगढ़ की तर्ज पर योग आयोग गठन की शुरुआत शुरू हो गई है। आयोग के माध्यम से योग को जनांदोलन बनाने का प्रयास शुरू हो गया है। चर्चा के दौरान भाजपा प्रदेशमंत्री अनुराग सिंहदेव, रविंद्र स्वर्णकार, कमलेश सोनी, अजय गुप्ता, ममता अग्रवाल, नगर पंचायत रामानुजगंज के अध्यक्ष रमन अग्रवाल, अवंतिका गजौरिया, पूनम पाण्डेय, बलरामपुर के जिला पंचायत सदस्य विनय भगत सहित पतंजलि योग समिति, भारत स्वाभिमान न्यास सहित अन्य संगठनों से जुड़े पदाधिकारी, सदस्य उपस्थित थे। योग आयोग के अध्यक्ष पीजी कालेज आडिटोरियम में आयोजित संभाग स्तरीय योग सत्संग में भी शामिल हुए। इस सत्संग में योग प्रशिक्षक भी शामिल हुए। योग आयोग की कार्ययोजना व गतिविधियों को लेकर सत्संग में विस्तार से चर्चा की गई।

मोदी छग में योग कर बनाएंगे नया रिकार्ड

योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ में सवा लाख लोगों के साथ योग कर एक नया विश्व रिकार्ड बनाएंगे। इसकी तैयारियों में योग आयोग जुट गया है। उन्होंने बताया कि इसके पहले 73 हजार लोगों के साथ योग करने का रिकार्ड है। इस रिकार्ड को छत्तीसगढ़ में तोड़ा जाएगा। राजधानी रायपुर अथवा जगदलपुर में यह कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

किसानों के हित में हुआ एमओयू

पतंजलि योग समिति व छत्तीसगढ़ सरकार के बीच हुए एक एमओयू के संबंध में भी योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ अनुविभाग के विजयतला में एमओयू के अनुरूप जमीन मिलते ही पतंजलि योग समिति 700 से 800 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इस निवेश के पीछे मुख्य उद्देश्य किसानों की बेहतरी होगी। किसानों द्वारा उत्पादित सामानों को वाजिब दाम दिलाने की व्यवस्था यहां की जाएगी। उन्होंने बताया कि उदाहरण के तौर पर टमाटर के प्रचूर उत्पादन से किसानों को दाम नहीं मिल पाता, लेकिन पतंजलि द्वारा विजयतला में ऐसी व्यवस्था कराई जाएगी, जहां टमाटर से जुड़े दूसरे उत्पाद बनाकर किसानों को उनकी मेहनत का वाजिब दाम दिलाया जाएगा।

रोगानुसार कराया जाएगा योग

योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि आयोग के माध्यम से छत्तीसगढ़ में देश की प्राचीन चिकित्सा पद्घतियों को पुनर्स्थापित करने का प्रयास शुरू हो गया है। अगले महीने से मैनपाट में योग केंद्र शुरू हो जाएगा। एक वर्ष के भीतर राष्ट्रीय स्तर का नेचुरोपैथी सेंटर भी आरंभ हो जाएगा। यह इलाज की महंगी पद्घति है, लेकिन यहां न्यूनतम शुल्क में यह सुविधा उपलब्ध होगी। न्यूरोथेरीपिस्ट को भी छत्तीसगढ़ में स्थापित करने प्रयास शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि पंचायतों में जून महीने से नियमित रूप से आयोजित होने वाले योग शिविरों में आयुर्वेद डाक्टरों के माध्यम से एक-एक व्यक्ति का परीक्षण होगा। यदि योग सीखने आ रहा व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित होगा तो उसी अनुरूप उसे योग की शिक्षा दी जाएगी। रोगानुसार योग का पैकेज तैयार कर योग से निरोगी व खुशहाली लाने का प्रयास किया जाएगा।