रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। सोशल साइट का नशा आज के दौर में हर वर्ग पर छाया हुआ है। हर उम्र के लोग सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। सोशल मीडिया के कुछ फायदे हैं तो नुकसान भी हैं। खासकर युवाओं और नाबालिग सोशल साइट्स से आइडिया लेकर अपराध के रास्ते पर चल पड़े हैं। राजधानी रायपुर में लगातार ऐसे कई मामले सामने आए, जिसमें युवा व नाबालिग नए-नए तरीके से अपराध को अंजाम देकर पुलिस के लिए सिरदर्द साबित हुए हैं। पिछले दिनों एक छात्र ने अपनी सहपाठी छात्रा से दोस्ती, प्यार का झांसा देकर न केवल उसका शारीरिक शोषण किया, बल्कि उसकी अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके लाखों रुपये वसूल लिए। वहीं महंगे शौक पूरा करने के चक्कर में मध्यम वर्ग के युवा व नाबालिग चोरी, लूट, चेन स्नैचिंग जैसी गंभीर वारदात को अंजाम देने से नहीं चूक रहे हैं।

वीडियो बनाने का मकसद वसूली

रायपुर लड़कियों को दोस्ती, प्यार का झांसा देकर उनसे शारीरिक संबंध बनाने के बाद ब्लैकमेल करने वाले पांच में से चार युवकों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों में दो नाबालिग हैं, पांचवें आरोपी को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपियों से जब्त मोबाइल में अश्लील फिल्में पाई गई। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। मुख्य आरोपी आदर्श अग्रवाल को एक दिन का रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया।उस पर 10 वीं क्लास की छात्रा से जबरदस्ती संबंध बना ब्लेकमेलिंग करने का आरोप है। छात्रा से साढ़े तीन लाख रूपए ब्लेकमेल कर वसूल लिया था। तेलीबांधा थानाक्षेत्र में एक ऐसे ही दूसरे मामले में सोहराब अली और दो अन्य नाबालिगों की गिरफ्तारी पुलिस ने की थी।

फेसबुक, इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बहाने फांसते थे छात्राओं को

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आदर्श और सोहराब अपने नाबालिग साथियों के साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम जैसे सोशल प्लेटफार्म पर छात्राओं को निशाना बनाया करते थे। फिर उन्हें दोस्ती और प्यार की बातों में उलझा कर शारीरिक संबंध बनाते थे। इस दौरान बनाए गए वीडियो और फोटोग्राफ से उन्हें ब्लेकमेल किया करते थे। एक बार बनाया गया वीडियो ब्लेकमेलिंग के लिए पैसे और जब तब संबंध बनाने के काम आता गया। दोनों के इंस्टाग्राम, फेसबुक अकाउंट में मिले दर्जनभर छात्राओं के मैसेज के बारे में पूछताछ की गई। दोनों अकाउंट में कई मैसेज डिलेट किए जाने का खुलासा भी हुआ। आदर्श से मिली जानकारी के आधार पर जांच का दायरा पुलिस ने बढ़ाया है।

मोबाइल का डाटा खंगाल रही पुलिस

आदर्श के खिलाफ शिकायत करने वाली पीड़ित छात्रा ने अपनी नानी के बैंक खाते से पैसे निकालती रही। जब नानी पासबुक अपडेट कराने बैंक पहुंची तो कई बार में साढ़े तीन लाख रूपए निकालने की जानकारी के बाद मामला सामने आया। उधर तेलीबांधा थाने के अंतर्गत दर्ज मामले में छात्रा एटीएम लेकर घर से निकली थी। रातभर घर से छात्रा के बाहर रहने से परिजन घबराकर पुलिस थाने में शिकायत करने गए तब पूरा मामला सामने आया। दरअसल आरोपी लड़कों को पैसे देने के लिए छात्रा घर से बिना बताए पैसे निकालती रहीं। आरोपियों ने कई छात्राओं को इसी तरीके से अपना शिकार बनाया। पुलिस अब आरोपियों से जब्त मोबाइल का डाटा साइबर सेल की टीम निकाल रही है।

ख्याली दुनिया में खोए युवा

सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से तमाम अश्लील सामग्री और भड़काऊ बातें भी लोगों तक प्रसारित की जा रही है, जो कि लोगों के दिमाग पर बुरा प्रभाव डालती है। इसकी वजह से देश में दंगा फसाद में वृद्वि हुई है। सोशल नेटवर्किंग साइट्स ने लोगों को वास्तविक जीवन को भुलाकर आभासी जीवन में रहने को मजबूर कर दिया है।

संस्कारों पर प्रभाव

सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज से युवाओं में भारतीय संस्क्रति की कमी भी देखी जा रही है। युवाओं के रहन-सहन से लेकर परिवार के लिए आदर सम्मान सब कम होता जा रहा है।

भटकाना आसान

साइबर एक्सपर्ट का कहना है कि देश दुनिया में आए दिन कुछ न कुछ घटता रहता है और सोशल मीडिया के जरिए सभी जगह फैलता है। इसकी चपेट में युवा जल्दी आते हैं और उन्हें भटकाना-बहकाना आसान हो जाता है, इसलिए सोशल मीडिया पर बहुत संवेदशील मुद्दे पर बयानबाजी करने से युवाओं को रोका जाता है, ताकि उनकी नादानी किसी बड़े मुद्दे को भड़का न दें।