नई दिल्ली। एम्स में एक बार फिर फर्जी डॉक्टर पकड़ा गया है। उसकी पहचान बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले अदनान खुर्रम नाम के व्यक्ति के रूप में हुई है। वह करीब छह महीने से एम्स में सक्रिय था। वह खुद को एम्स का रेजिडेंट डॉक्टर और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन का सदस्य बताता था।

फिलहाल हौज खास थाना पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। यह बात सामने आई है कि वह बड़े नेताओं के साथ फोटो खिंचवाने का शौकीन है और कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ उसकी फोटो सामने आई है। मेडिसिन, डॉक्टरों के नाम और डिपार्टमेंट हेड के बारे में उसकी जानकारी से पुलिस भी हैरान है। उसके खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 419 और धारा 468 के तहत केस दर्ज किया है।

वह दिल्ली में बटला हाउस इलाके में रहता था। पुलिस ने कहा कि अभी तक उसका कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं मिला है। एम्स के रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि संस्थान में करीब 2000 रेजिडेंट डॉक्टर हैं। इसलिए सभी रेजिडेंट डॉक्टरों को एक-दूसरे को पहचान पाना आसान नहीं होता। धीरे-धीरे उसने रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच सक्रियता बढ़ा ली।

संस्थान के रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि वह विभिन्न राजनीतिक व मेडिकल कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए एम्स रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के नाम का इस्तेमाल करता था। पहले तो किसी ने उस पर शक नहीं किया पर बाद में उसकी संदेहास्पद गतिविधियों के कारण रेजिडेंट डॉक्टरों ने उसकी सूचना संस्थान के सुरक्षा कर्मियों को दी।

इसके बाद शनिवार को सुरक्षा कर्मियों ने उस पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। उसके पास एक आधार कार्ड बरामद हुआ है, जिस पर बिहार का पता दर्ज है। पुलिस का कहना है कि उसके पास एक डायरी भी मिली है।

वह एम्स में जिस डॉक्टर से मिलता था उसका नाम डायरी में लिख लेता था। पुलिस का कहना है कि उससे पूछताछ की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि वह बड़े नेताओं के साथ फोटो क्यों खिंचवाता था। जबकि उसका किसी राजनीतिक दल से कोई संपर्क नहीं है।